डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल, 2022 के मसौदे पर सार्वजनिक राय और टिप्पणियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने अगले वर्ष 2 जनवरी तक बढ़ा दी है। पहले इसकी समय सीमा 17 दिसंबर थी। प्रस्तावित बिल के तहत सरकार ने प्रावधानों का उल्लंघन करने पर जुर्माने की राशि 500 करोड़ रुपये तक बढ़ा दी है।
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2019 में जारी किए गए ड्राफ्ट पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल में किसी इकाई के वैश्विक कारोबार का 4% या 15 करोड़ का जुर्माना प्रस्तावित किया गया था। इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बिल को लेकर कहा, सरकार प्रस्तावित कानून के तहत नागरिकों की निजता का उल्लंघन नहीं कर पाएगी क्योंकि उसे राष्ट्रीय सुरक्षा, महामारी और प्राकृतिक आपदाओं जैसे असाधारण परिस्थितियों में ही व्यक्तिगत डाटा तक पहुंच प्राप्त होगी।