साइबराबाद पुलिस ने देश भर में 66.9 करोड़ लोगों के डाटा में सेंध लगाने के मामले में तीन बैंकों, एक सोशल मीडिया दिग्गज और एक सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी सहित 11 संगठनों को नोटिस जारी कर उनके प्रतिनिधियों को पेश होने को कहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी
साइबराबाद पुलिस ने शनिवार को बताया था कि उसने विनय भारद्वाज नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो 26 राज्यों और आठ महानगरों से संबंधित 66.9 करोड़ व्यक्तियों और संगठनों के व्यक्तिगत और गोपनीय डेटा को चुराने, रखने और बेचने में कथित रूप से शामिल था।
पुलिस ने बताया था कि आरोपी विनय भारद्वाज के पास एजु-टेक संगठनों के छात्रों और जीएसटी, विभिन्न राज्यों के सड़क परिवहन संगठनों, दिग्गज ई-कॉमर्स पोर्टल, सोशल मीडिया मंचों और फिनटेक कंपनियों का डाटा है।
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पुलिस ने विनय को शुक्रवार को तब गिरफ्तार किया जब वह डाटा बेचने की फिराक में था। उसने इस डाटा को 104 श्रेणियों में बांट रखा था। उसके पास पास मौजूद कुछ महत्वपूर्ण डाटा में रक्षा कर्मियों, सरकारी कर्मचारियों, पैन कार्ड धारकों का डेटा, 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं, डी-मैट खाताधारकों, मोबाइल नंबरों का डाटा शामिल है। इसके अलावा उसके पास से एनईईटी छात्रों, अरबपतियों, बीमा धारकों, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड धारकों का भी डाटा था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी विनय हरियाणा के फरीदाबाद में एक वेबसाइट ‘इंस्पायर वेब्ज’के माध्यम से संचालन कर रहा था। उसने आमिर सोहेल और मदन गोपाल से यह डाटा हासिल किया था। वह क्लाउड ड्राइव लिंक के जरिये ग्राहकों को डाटाबेस बेच रहा था। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और 135 श्रेणियों में सरकार, निजी संगठनों और लोगों की संवेदनशील जानकारी भी जब्त की है। वहीं, पुलिस ने बताया कि पूरे मामले में पड़ताल की जा रही है, ताकि केस में और जानकारी हासिल हो सके।