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पिछले 15 सालों में वजन घटाने वाली सर्जरी में हुई 100 गुना वृद्धि, सर्जनों की संख्या भी बढ़ी

Thu, 22 Aug 2019 10:07 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pexels.com
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भारत में पिछले 15 सालों में वजन घटाने की सर्जरी में 100 गुना की वृद्धि हुई है। 2004 में जहां केवल 200 ऐसे मामले आए थे वहीं 2019 में यह मामले बढ़कर 20,000 हो गए हैं। यह जानकारी ओबेसिटी सर्जरी सोसायटी ऑफ इंडिया (ओएसएसआई) ने दी है। इस समयावधि के दौरान सर्जरी के विशेषज्ञ सर्जनों की संख्या भी बढ़ी है। 2003 में केवल आठ ऐसे सर्जन थे। जबकि अब यह संख्या बढ़कर 450 हो गई है।

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दिल्ली, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में हर साल सर्जरी की संख्या बढ़ रही है। वजन घटाने या बेरिएट्रिक सर्जरी में वजन कम करने के लिए शख्स के पेट के एक हिस्से को निकाल दिया जाता है। बेरिएट्रिक सर्जरी की संख्या में बढ़ोतरी दिखाती है कि देश में वजन बढ़ने की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि अमेरिकी की तुलना में हमारे यहां सर्जरी की संख्या कम है।

अमेरिका में पिछले साल 2.5 लाख लोगों ने बेरिएट्रिक सर्जरी करवाई थी। ओएसएसआई के अध्यक्ष डॉक्टर अरुण प्रसाद ने कहा बहुत से लोग वजन घटाने वाली सर्जरी तब करवाते हैं जब वह अपनी जीवनशैली से तंग आ जाते हैं या वह अच्छा दिखना चाहते हैं। डॉ. प्रसाद अगले महीने स्पेन में भारत में बेरिएट्रिक सर्जरी के डाटा को वर्ल्ड कांग्रेस के मोटापा और मेटाबोलिक विकार सर्जरी (आईएफएसओ) के इंटरनेशनल फेडरेशन में प्रस्तुत करेंगे।
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डॉ. प्रसाद मणिपाल अस्पताल में बेरिएट्रिक और मेटाबॉलिक सर्जरी सेंटर के प्रमुख भी हैं उन्होंने कहा, 'मधुमेह नियंत्रण और खर्राटों या जोड़ों के दर्द जैसी स्थितियों में वजन घटाने की संख्या में वृद्धि हुई है। बहुत सारे लोग मोटापे और मधुमेह के लिए सर्जरी करवा रहे हैं जिसे कि स्वस्थ भोजन और जीवनशैली अपनाकर रोका या नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन उन्हें यह अच्छा विचार नहीं लगता। इस डाटा को इकट्ठा करने के पीछे एक स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के लिए स्कूल स्तर से जागरुकता कार्यक्रमों को चलाए जाने को लेकर नीति निर्माताओं को चेतावनी देना है।'

डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर लोग 30-40 की उम्र में वजन घटाने की सर्जरी करवा रहे हैं। इसके अलावा 15 साल की युवावस्था वाले लोग भी उनके पास आ रहे हैं। एक अनुभवी बेरिएट्रिक सर्जन डॉ. प्रदीप चौबे ने कहा कि उन्होंने पश्चिमी दिल्ली के एक 14 साल के लड़के की वजन घटाने वाली सर्जरी की है। उसका वजन 237 किलो था। उन्होंने कहा कि कई लोग मधुमेह के कारण सर्जरी करवाते हैं।

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