मई 2021 में ज्यादा निकला बायोमेडिकल अपशिष्ट पदार्थ
वहीं, भारत में कोविड 19 के मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों से पिछले माह हर दिन में दो लाख किलोग्राम से ज्यादा बायोमेडिकल कचरा बाहर निलका है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) द्वारा जारी स्टेट आफ इंडियाज एनवायरनमेंट 2021 रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि मई 2021 में रोज दो लाख तीन हजार किलोग्राम कोविड-19 बायोमेडिकल अपशिष्ट उत्पन्न हुआ था और यह भारत के गैर-कोविड बायामेडिकल कचरे का लगभग 33 फीसद था।
मई में रोज उत्पन्न होने वाले कोविड 19 का बायोमेडिकल कचरा अप्रैल की तुलना में 46 फीसदी ज्यादा था। केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक ने मई में उत्पन्न कोविड-19 बायोमेडिकल कचरे का 50 फीसदी योगदान दिया। ये सभी राज्य विशेष रूप से कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
इस रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दूरदराज के गांवों और देहाती इलाकों में डॉक्टरों के अलावा चिकित्सक सुविधाओं की बेहद कमी है। 76 फीसदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की जरुरत है। इसके अलावा 56 फीसदी से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियोग्राफरों और 35 फीसदी से अधिक गांवों में लैब तकनीशियनों की आवश्यकता है।