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कमजोर हुआ चक्रवाती तूफान 'दाय', अब मंडरा रहा सूखा का खतरा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 22 Sep 2018 08:58 AM IST
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इस साल मानसून में जहां देश के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई, वहीं कई इलाके ऐसे भी हैं जहां पर कम बारिश दर्ज की गई। तो क्या इस बार के मानसून के बाद इसे सूखा साल कहा जा सकता? या फिर शुक्रवार को ओडिशा से शुरू हुए चक्रवात के कारण इसे ज्यादा बारिश लाने वाला मानसून कहा जाए।

दरअसल अभी तक तो कहा जा रहा था कि देश के कुछ इलाकों में कम बारिश हुई है और अगर कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार मानसून 10 फीसदी तक कम रहा है। लेकिन शुक्रवार की सुबह ओडिशा और फिर शाम तक चंडीगढ़ पहुंचे चक्रवात से केंद्रीय और उत्तर भारत में अगले 3-4 दिनों तक भारी बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है।



यानि यह नहीं कहा जा सकता कि इस बार कम बारिश हुई है। 30 सितंबर को खत्म होने वाले मानसून के मौसम में इस तूफान को आखिरी माना जा रहा है। इसी तूफान से होने वाली बारिश यह तय करेगी कि भारत में इस बार कम बारिश हुई, सामान्य हुई या फिर अधिक हुई। बता दें यदि कम बारिश का आंकड़ा 4-10 फीसदी तक हो तो उसे सूखा साल माना जाता है।

सितंबर माह में ऐसा बहुत ही कम होता है कि चक्रवात आए। तूफान से मानसून और भी मजबूत हो जाता है और यह सब सितंबर में बहुत कम देखने को मिलता है।

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इस साल मानसून में जहां देश के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई, वहीं कई इलाके ऐसे भी हैं जहां पर कम बारिश दर्ज की गई। तो क्या इस बार के मानसून के बाद इसे सूखा साल कहा जा सकता? या फिर शुक्रवार को ओडिशा से शुरू हुए चक्रवात के कारण इसे ज्यादा बारिश लाने वाला मानसून कहा जाए।

दरअसल अभी तक तो कहा जा रहा था कि देश के कुछ इलाकों में कम बारिश हुई है और अगर कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार मानसून 10 फीसदी तक कम रहा है। लेकिन शुक्रवार की सुबह ओडिशा और फिर शाम तक चंडीगढ़ पहुंचे चक्रवात से केंद्रीय और उत्तर भारत में अगले 3-4 दिनों तक भारी बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है।

यानि यह नहीं कहा जा सकता कि इस बार कम बारिश हुई है। 30 सितंबर को खत्म होने वाले मानसून के मौसम में इस तूफान को आखिरी माना जा रहा है। इसी तूफान से होने वाली बारिश यह तय करेगी कि भारत में इस बार कम बारिश हुई, सामान्य हुई या फिर अधिक हुई। बता दें यदि कम बारिश का आंकड़ा 4-10 फीसदी तक हो तो उसे सूखा साल माना जाता है।

सितंबर माह में ऐसा बहुत ही कम होता है कि चक्रवात आए। तूफान से मानसून और भी मजबूत हो जाता है और यह सब सितंबर में बहुत कम देखने को मिलता है।

अब देश के छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ये तूफान एक चिंता का विषय बन चुका है। यह आशंका जताई जा रही है कि यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। साथ ही यह दक्षिणी राजस्थान और उत्तरी गुजरात की सीमा तक आने से पहले मध्यप्रदेश तक भी आ सकता है।

इस मामले पर भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्यप्रदेश में शनिवार तक भारी बारिश हो सकती है। साथ ही विदर्भ में रविवार तक भारी बारिश हो सकती है। आईएमडी ने ये भी कहा है कि उत्तरी कोनकन, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र, पश्चिमी मध्यप्रदेश और पूर्वी राज्स्थान और गुजरात में शनिवार को भारी बारिश होने का अनुमान है।

वहीं शनिवार तक सिस्टम पश्चिमी डिस्टर्बेंस से टकरा सकता है, जिससे उत्तरपूर्वी भारत में बारिश हो सकती है। इसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश भी शामिल हैं। भारतीय मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जताते हुए हिमाचल प्रदेश में रविवार और उत्तराखंड में सोमवार के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
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