फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तौकाते चक्रवात: एनडीआरएफ ने बढ़ाई बचाव व राहत दलों की संख्या, जानिए कैसे हैं हालात

Sat, 15 May 2021 10:37 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तौकाते चक्रवाती तूफान को लेकर बचाव व राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ ने अपने दलों की संख्या में इजाफा किया है। जानकारी के अनुसार यह तूफान 18 मई को गुजरात के तटवर्ती क्षेत्रों से टकराएगा। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के इससे प्रभावित होने के आसार हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित जिलों को तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुंबई में बांद्रा-वर्ली सी लिंक को दिन के लिए बंद कर दिया गया है और तटीय इलाकों के निवासियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का काम भी शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि तौकाते चक्रवात तेज हुआ है। इसके साथ ही इसके और तेज होने व बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। उधर, गुजरात के तटीय इलाकों में 17 और 18 मई को चक्रवात की चेतावनी के बाद पश्चिमी रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द या शॉर्ट टर्मिनेट करने का फैसला किया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने राहत और बचाव कार्यों को लिए टीमों को बढ़ाकर 53 से 100 कर दिया है। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि यह कदम चक्रवात तौकाते को देखते हुए लिया गया है। हर एनडीआरएफ टीम में 47 लोग हैं। इस हिसाब से कुल 4700 लोग इस काम में तैनात किए गए हैं।

विज्ञापन


एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने एक ट्वीट में कहा कि इन टीमों को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में तैनात किया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को प्रधान ने कहा था कि अरब सागर में बन रहे चक्रवाती तूफान को लेकर 53 टीमों को बचाव कार्य के लिए लगाया गया है।



प्रधान ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमों को बढ़ाने का फैसला भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से मिले नए इनपुट के आधार पर लिया गया है। इन 100 टीमों में से 38 को छह राज्यों में एहतियाती तौर पर पहले से तैनात किया जा रहा है। जबकि 20 टीमों को फिलहाल स्टैंडबाय और अलर्ट पर रखा गया है।
विज्ञापन

 
इसके अलावा 32 टीमों को बैकअप या रिजर्व में रखा गया है और इन्हें जरूरत के हिसाब से एयरलिफ्ट किया जा सकता है। हर एनडीआरएफ टीम के पास सैटेलाइट फोन, अन्य संचार उपकरण, पेड़ और पोल काटने के यंत्र, इन्फेलेटेबल नौकाएं, सामान्य मेडिकल एड और अन्य राहत व बचाव उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

48 में से 30 टीमों की इन जगहों पर पूर्व तैनाती
गुजरात में गिर सोमनाथ, अमरेली, पोरबंदर, द्वारिका, जामनगर, राजकोट, कच्छ, मोरबी, सूरत, गांधीनगर, वालसाड, भावनगर, नवसारी, भरूच और जूनागढ़ में एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा केरल में नौ, तमिलनाडु में पांच, महाराष्ट्र में चार, कर्नाटक में तीन और गोवा में एक टीम की पूर्व तैनाती की गई है।

मुंबई में बांद्रा-वर्ली सी लिंक दो दिन के लिए बंद

महाराष्ट्र के दक्षिणी समुद्री तटों पर तौकाते का खतरा बना हुआ है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उन जिलों में तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं जो तूफान की जद में आ सकते हैं। मुंबई में बांग्रा-वर्ली सी लिंक मार्ग को भी दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है और तटीय इलाके खाली कराए जा रहे हैं। कोविड केयर सेंटरों की सुरक्षा भी मजबूत की जा रही है।

मुख्यमंत्री ठाकरे ने पालघर, रत्नागिरि, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग के तटीय इलाकों में जिला प्रशासन और संभागीय आयुक्तों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जानकारी के अनुसार अलीबाग से मछली पकड़ने गईं 15 नौकाएं अभी भी समुद्र में ही हैं। बता दें कि शुक्रवार को ही सभी नावें समुद्र से वापस लाने को और समुद्र में न जाने के लिए कहा गया था।

कर्नाटक: गृह मंत्री बोमई ने की आपात बैठक

उधर, कर्नाटक के गृह मंत्री बासवराज बोमई और राजस्व मंत्री आर अशोक ने शनिवार को एक आपातकालीन बैठक की। यह बैठक तौकाते चक्रवात को लेकर की गई। बैठक में कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान बचाव और राहत कार्यों को लेकर की जा रहीं तैयारियों पर चर्चा की गई।

मंत्रियों ने कहा कि चक्रवात शनिवार रात तक राज्य के तीन तटीय जिलों में पहुंचेगा और प्रशासन स्थिति से निपटने तथा राहत एवं बचाव कार्य के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि तूफान की वजह से तटीय और पास के जिलों में भारी बारिश हो सकती है तथा इसका प्रभाव 18 मई तक रह सकता है।

गृह मंत्री बोमई ने कहा कि चक्रवात के आज शाम या रात तक कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आधी रात तक तीन तटीय जिलों-दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ तथा पास के चार-पांच जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।

मंत्री ने राज्य आपदा प्रबंधन टीम और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि सावधानी के तौर पर कई कदम उठाए गए हैं और राजस्व मंत्री ने तटीय जिलों के उपायुक्तों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। राजस्व मंत्री आर अशोक ने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए अधिकारी पूरी तरह तैयार हैं और मछुआरों से 18 मई तक समुद्र में न जाने को कहा गया है।
विज्ञापन

पश्चिमी रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें

गुजरात के तटीय इलाकों में 17 और 18 मई को चक्रवात की चेतावनी के बाद पश्चिमी रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द या शॉर्ट टर्मिनेट करने का फैसला किया है। इस संबंध में पश्चिमी रेलवे ने एक विज्ञप्ति जारी कर रद्द की जाने वाली या शॉर्ट टर्मिनेट की जाने वाली ट्रेनों की जानकारी दी। इसके अनुसार 15 मई को तीन ट्रेनें, 16 मई को 11, 17 मई को 22, 18 मई को 13, 19 मई को पांच और 20 व 21 मई को एक-एक ट्रेन रद्द की गई है। वहीं, पांच ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। 
 

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें