राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने राहत और बचाव कार्यों को लिए टीमों को बढ़ाकर 53 से 100 कर दिया है। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि यह कदम चक्रवात तौकाते को देखते हुए लिया गया है। हर एनडीआरएफ टीम में 47 लोग हैं। इस हिसाब से कुल 4700 लोग इस काम में तैनात किए गए हैं।
एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने एक ट्वीट में कहा कि इन टीमों को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में तैनात किया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को प्रधान ने कहा था कि अरब सागर में बन रहे चक्रवाती तूफान को लेकर 53 टीमों को बचाव कार्य के लिए लगाया गया है।
प्रधान ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमों को बढ़ाने का फैसला भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से मिले नए इनपुट के आधार पर लिया गया है। इन 100 टीमों में से 38 को छह राज्यों में एहतियाती तौर पर पहले से तैनात किया जा रहा है। जबकि 20 टीमों को फिलहाल स्टैंडबाय और अलर्ट पर रखा गया है।
इसके अलावा 32 टीमों को बैकअप या रिजर्व में रखा गया है और इन्हें जरूरत के हिसाब से एयरलिफ्ट किया जा सकता है। हर एनडीआरएफ टीम के पास सैटेलाइट फोन, अन्य संचार उपकरण, पेड़ और पोल काटने के यंत्र, इन्फेलेटेबल नौकाएं, सामान्य मेडिकल एड और अन्य राहत व बचाव उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
48 में से 30 टीमों की इन जगहों पर पूर्व तैनाती
गुजरात में गिर सोमनाथ, अमरेली, पोरबंदर, द्वारिका, जामनगर, राजकोट, कच्छ, मोरबी, सूरत, गांधीनगर, वालसाड, भावनगर, नवसारी, भरूच और जूनागढ़ में एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा केरल में नौ, तमिलनाडु में पांच, महाराष्ट्र में चार, कर्नाटक में तीन और गोवा में एक टीम की पूर्व तैनाती की गई है।