देश के करीब 4.5 करोड़ डीमैट खाता धारकों का डाटा सार्वजनिक हो जाने की खबर है। एक साइबर सुरक्षा फर्म ने डीमैट खातों की सार-संभाल करने वाली कंपनी सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विस लि. (सीडीएसएल) के सर्वरों में खामी पकड़कर करोड़ों निवेशकों की निजी जानकारियां लीक हो जाने का दावा किया है।
कंपनी की सफाई
फर्म का यह दावा सामने आने पर सीडीएसएल ने अपनी सफाई में निवेशकों के डाटा में सेंध लगने से साफ इनकार किया है। 27 अक्तूबर को एक ईमेल के जरिए उसने किसी भी सेंध को खारिज करते हुए कहा है कि सिस्टम में एक खामी मिली थी, जिसे दुरुस्त कर लिया गया। लेकिन पाठक का दावा है कि सीडीएसएल को इस जोखिम से अवगत कराए जाने के कई दिनों बाद उसने यह ठीक किया। फर्म ने इसकी जानकारी दो अन्य सरकारी संस्थाओं सीईआरटी-इन और एनसीआईआईपीसी को भी दी थी।
चार अक्तूबर को तलाशी खामी
साइबर एक्स-9 ने यह खामी चार अक्तूबर को ढूंढी थी लेकिन उसे सीडीएसएल का सही सुरक्षा संपर्क दो हफ्तों बाद मिला। इसके चलते सीडीएसएल, सीईआरटी-इन व एनसीआईआईपीसी को 19 अक्तूबर को ईमेल भेजा। पाठक का कहना है कि जानकारी साझा किए जाने के बावजूद सीडीएसएल ने 25 अक्तबूर शाम आठ बजे तक भी इस खामी को ठीक नहीं किया था।