मुंबई में नौकरी-उपहार आदि देने और बिजली बिलों के भुगतान के बहाने ऑनलाइन धोखाधड़ी सहित साइबर अपराधों के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे अपरोधों का पंजीकरण 2022 में 63.7 प्रतिशत तक बढ़ा है। बीते साल ऐसे 4,718 मामले दर्ज किए गए थे। इससे पहले 2021 में यह संख्या 2,883 थी। मुंबई अपराध रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में कोविड अवधि से पहले पंजीकृत 2,225 मामलों की तुलना में 2022 में साइबर अपराध के मामले 112 प्रतिशत बढ़ गए हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, जहां तक 2019-2022 की अवधि की बात है, 12,261 पंजीकृत मामलों में से 1,292 मामले हल किए गए थे, इनमें 2022 के 346 मामले भी शामिल हैं। मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड महामारी के बाद पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड, क्रिप्टोकरंसी इन्वेस्टमेंट के नाम पर धोखाधड़ी, इंश्योरेंस फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और इलेक्ट्रिसिटी बिल फ्रॉड जैसे अपराध बढ़े हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि 2022 में सीमा शुल्क, उपहार, खरीद, नौकरी और बीमा समेत धोखाधड़ी के कुल 2,170 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 92 अपराधों को सुलझाया गया। 2021 में 1,154 ऐसे मामले दर्ज किए गए और 140 को सुलझाया गया। फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल डालने और ईमेल या एसएमएस को मॉर्फ (छेड़छाड़) करने जैसे मामले 2021 में 118 की तुलना में 2022 में बढ़कर 400 हो गए। 2021 में 1,075 की तुलना में 2022 में क्रेडिट और डेबिट कार्ड धोखाधड़ी के कुल 1,318 मामले सामने आए।