प्रियंका गांधी की सक्रियता की तारीफ
कांग्रेस वर्किंग कमेटी में आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से प्रियंका गांधी की सक्रियता है, उससे पार्टी ने न सिर्फ सराहा बल्कि उसे और आगे बढ़ाने के लिए भी कहा। बीते तीन दिनों में कांग्रेस पार्टी में जिस तरीके से प्रियंका गांधी की सक्रियता के चलते संगठनात्मक ढांचे में परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं, उससे पार्टी ना सिर्फ उत्साहित है बल्कि इस बात को लेकर आशान्वित भी है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के परिणाम लोगों की सोच से कहीं अलग होंगे। बैठक में इस बात को लेकर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से चर्चा की गई कि प्रियंका गांधी की सक्रियता जिस तरीके से उत्तर प्रदेश में है, उसी तरह से अन्य राज्यों में भी सक्रिय किया जाए। ताकि उन राज्यों में पार्टी को ज्यादा से ज्यादा लाभ हो।
सोनिया गांधी ने इस बैठक में कुछ बिंदुओं के माध्यम से स्पष्ट रूप से संदेश दिया कि पार्टी का अपना एक लोकतांत्रिक ढांचा है और लोकतांत्रिक ढांचे के मुताबिक ही अगर पार्टी के लोग व्यवहार करें तभी पार्टी को आगे और मजबूती से खड़ा किया जा सकेगा। सोनिया गांधी ने कांग्रेस के कुछ नेताओं को इशारों में मीडिया के माध्यम से उन तक अपनी बात पहुंचाने पर फटकार भी लगाई। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर किसी को कुछ कहना है तो वह सीधे मुझसे बात कर सकता है। सोनिया गांधी के कड़े तेवरों को देखते हुए जी-23 के बागी नेताओं के सुर बदलने लगे। कथित बागी जी-23 गुट में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्हें अपनी नेता सोनिया गांधी पर पूरा भरोसा है। आजाद ने कहा कि सोनिया गांधी के नेतृत्व पर सवाल ही नहीं उठाया जा सकता। सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कार्यसमिति की बैठक बुलाने और स्थाई अध्यक्ष चुनने की मांग करने वालों में गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल जैसे नेता शामिल थे।