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सीएसई रिपोर्ट : दूसरा सबसे गर्म रहा इस साल प्री-मानसून, 20 साल में लू ने ली 20 हजार से ज्यादा की जान

Fri, 08 Jul 2022 05:25 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला रिसर्च डेस्क, नई दिल्ली।

सार

2022 में प्री-मानसून में हवा का औसत तापमान बेसलाइन से 1.24 डिग्री अधिक रहा। यह बेसलाइन साल 1971 से 2000 के बीच दर्ज तापमान से तय होती है। इससे पहले 2016 में 1.20 डिग्री व 2010 में 1.45 डिग्री अधिक औसत तापमान मिला था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इस साल प्री-मानसून के महीने भारत के इतिहास में दर्ज तापमानों के लिहाज से 2010 के बाद दूसरे सबसे गर्म रहे। इसने साल 2016 का रिकॉर्ड तोड़ा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे बड़े शहर भी ज्यादा गर्म रहे। इसकी वजह हीट-आईलैंड, ट्रैफिक, उद्योगों, एसी के बढ़ते उपयोग और कचरे को माना गया। हीट आईलैंड वे सख्त सतहें हैं जो गर्मी को जमा करती हैं, इससे शहरों का तापमान दिन ढलने पर भी कम नहीं हो पाता।

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सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने भारतीय मौसम विभाग से जुटाए आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में अत्याधिक गर्मी पर सभी का ध्यान गया, पर पूरे देश में लगभग यही चलन नजर आ रहा है। शहराें में खत्म होते तालाब, घटती हरियाली गर्मी और बढ़ा रहे हैं। प्री-मानसून समय में गर्मियों के महीनों मार्च से मई तक को शामिल किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि लू से 2000 से 2020 के दौरान 20,615 लोगों की मौत हुई।

मानसून में औसत से ज्यादा गर्मी
देशव्यापी औसत के अनुसार जून से सितंबर का तापमान प्री-मानसून महीनों से 0.3 से 0.4 डिग्री अधिक मिला। 1951 से 1980 के तापमान से बनी बेसलाइन से इस दशक में औसत तापमान 0.49 डिग्री अधिक रहा। पोस्ट-मानसूनी महीनों यानी अक्तूबर से दिसंबर में यह वृद्धि 0.73 और सर्दियों के महीनों जनवरी व फरवरी में 0.68 डिग्री अधिक रही।
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औसत तापमान रहा 1.24 डिग्री अधिक

  • 2022 में प्री-मानसून में हवा का औसत तापमान बेसलाइन से 1.24 डिग्री अधिक रहा। यह बेसलाइन साल 1971 से 2000 के बीच दर्ज तापमान से तय होती है। इससे पहले 2016 में 1.20 डिग्री व 2010 में 1.45 डिग्री अधिक औसत तापमान मिला था।
  • इस साल मार्च-अप्रैल में उत्तर-पश्चिम भारत का दैनिक औसत अधिकतम तापमान 1981 से 2010 की बेसलाइन की तुलना में 4 डिग्री अधिकतम रहा। इन क्षेत्र में चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख व राजस्थान आते हैं।
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