रोडरेज मामले में कवि कुमार विश्वास की सुरक्षा में तैनात तीन सीआरपीएफ जवानों को हटा दिया गया है। सीआरपीएफ ने कहा, प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि कमांडो द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
कवि कुमार विश्वास की वीआईपी सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ जवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रोडरेज घटना की जांच होने तक तीन जवानों को सीआरपीएफ ने ड्यूटी से हटा दिया है। जवानों पर आरोप है कि उन्होंने एक डॉक्टर के साथ मारपीट की थी। सीआरपीएफ ने कहा, उनकी जगह दूसरे जवानों को तैनात किया गया है।
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बताया जा रहा है कि कर्मियों को कथित रोडरेज घटना की जांच लंबित होने तक हटा दिया गया है। यह घटना तब सामने आई जब आठ नवंबर को कुमार विश्वास उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से अलीगढ़ की तरफ जा रहे थे।
सीआरपीएफ महानिदेशक एस एल थाओसेन द्वारा घटना की समीक्षा के बाद कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा, प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि कमांडो द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। हालांकि सूत्रों ने कहा कि घटना के पूरे तथ्य जांच पूरी होने के बाद स्थापित किए जाएंगे। सीआरपीएफ ने घटना के बारे में रिकॉर्ड किए गए कुछ मोबाइल वीडियो और कथित पीड़ित और इसमें शामिल सुरक्षाकर्मियों द्वारा दिए गए शुरुआती बयानों के आधार पर एक प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की है।
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पीड़ित डॉ. पल्लव बाजपेयी ने गाजियाबाद में इंदिरापुरम पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है। आरोप लगाया कि कुमार विश्वास वाहन ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। जिसके बाद विश्वास के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन पर हमला किया।
क्या है मामला?
विश्वास के सुरक्षाकर्मियों की ओर से बुधवार को एक पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनके वाहन को एक व्यक्ति द्वारा चलाई जा रही कार ने टक्कर मार दी। जिसने कवि के काफिले में चल रहे सीआरपीएफ और पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया।
बता दें खालिस्तान समर्थकों का समर्थन करने के संबंध में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोपों के बाद केंद्र ने पिछले वर्ष कुमार विश्वास को सीआरपीएफ वीआईपी सुरक्षा विंग के तहत वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। हालांकि अरविंद केजरीवाल ने आरोपों को खारिज कर दिया था।