'जाको राखे साईंया मार सके ना कोय' ये कहावत ऐसी ही नहीं कही गई है, न जाने कितने मौकों पर यह कहावत एकदम सटीक बैठी है। ताजा मामला ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले का है यहां एक गांव में 14 साल का लड़का नदी में नहाने गया और उस पर एक मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। हालांकि बच्चे ने साहस दिखाते हुए मगरमच्छ से अपनी जान बचा ली।
लड़के का नाम ओम प्रकाश साहू है जो अपने दोस्तों के साथ पट्टामुंडई थाना क्षेत्र के अराजी गांव के पास कानी नदी में नहा रहा था, इसी दौरान सात फीट लंबा मगरमच्छ उस पर हमला करने के लिए कहीं से आया। लेकिन उसने अपनी जान बचाने के लिए मगरमच्छ से बहादुरी से लड़ाई लड़ी।
लड़के ने मगरमच्छ के मुंह और आंख पर मारा घूंसा
वहां खड़े लोगों ने बताया कि जैसे ही मगरमच्छ ने लड़के को पकड़ने के लिए झपट्टा मारा वैसे ही लड़के ने उसके मुंह पर और आंख पर घूंसा मारा और इससे मगरमच्छ की पकड़ ढीली हो गई और लड़का पानी से निकलने में सफल रहा। लेकिन मगरमच्छ के पंजे लड़के के शरीर पर लग गए जिस वजह से वह घायल हो गया।
ओम प्रकाश को सबसे पहले केंद्रपाड़ा के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पिछले महीने से अबतक तीसरा हमला
केंद्रपाड़ा जिले के भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और उसके आसपास के क्षेत्र में पिछले एक महीने में यह मगरमच्छ का तीसरा हमला है। भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के झरपड़ा गांव की 54 वर्षीय महिला जानकी जेना की 26 मई को नदी में बर्तन धोने के दौरान मगरमच्छ ने हत्या कर दी थी। भितरकनिका के आसपास नलपाई गांव के 40 वर्षीय शिव प्रसाद बेहरा को भी मगरमच्छ ने 4 मई को उस समय मार डाला, जब वह ब्राह्मणी नदी में नहा रहा था।
भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य में 1,784 वयस्क और किशोर मगरमच्छ रहते हैं। अधिकारियों ने 1 मई से 31 जुलाई तक पर्यटकों के राष्ट्रीय उद्यान में प्रवेश पर तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं अब मगरमच्छों प्रजनन का मौसम शुरू होते ही हमने अलर्ट कर दिया है।