भारी बारिश से पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। यहां असम के गुवाहाटी से होकर बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के उफान से कालीपुर में चक्रेश्वर मंदिर का नजारा कुछ ऐसा है। भगवान विष्णु की मूर्ति के पैरों तक पानी पहुंच गया है। राज्य के आधे से अधिक जिले ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों में आई बाढ़ के पानी में जलमग्न हैं। राज्य के 4.23 लाख लोग इससे प्रभावित हैं।
पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे के सूत्रों ने बताया कि बाढ़ के पानी की वजह से रेलवे अधिकारियों को लुमडिंग-बदरपुर पर्वतीय खंड में ट्रेन सेवाएं नियंत्रित करनी पड़ीं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ, नलबाड़ी, चिरांग, गोलाघाट, माजुली, जोरहाट, डिब्रूगढ़, नगांव, मोरीगांव, कोकराझार, बोंगाईगांव, बक्सा, सोनितपुर, दर्रांग और बारपेटा शामिल हैं।
इसके अनुसार बारपेटा में हालत गंभीर है जहां 85,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, पूर्वोत्तर के असम में छह लोगों की मौत, तो अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो-दो लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
पश्चिम बंगाल में सेतीझोरा और कालीझोरा के बीच लगभग पांच स्थानों पर पहाड़ियों का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है और राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। सिक्किम में रांगपो और 32 नंबर राजमार्ग पर भी भूस्खलन हुआ है और वहां युद्धस्तर पर मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम चल रहा है, लेकिन भारी और लगातार बारिश से बाधा उत्पन्न हो रही है।
पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने उत्तर बंगाल में सामान्य जीवन को खतरे में डाल दिया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो रही है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो रहा है। न्यूजलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में पैसेंजर ट्रेन सेवा रोक दी गई है।