Assam: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों में मामूली बदलाव ने एक धर्म विशेष के एक वर्ग को अपराधों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिसमें पिछले तीन वर्षों में कमी आई थी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को कहा कि बीते दो महीनों के दौरान एक धर्म विशेष के लोगों के एक वर्ग की आपराधिक गतिविधियां चिंता का विषय है। उन्होंने किसी धर्म का नाम लिए बगैर कहा कि अपराध करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैं यह नहीं कह रहा हूं कि अपराध केवल एक धर्म विशेष के लोग ही करते हैं। लेकिन हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के बाद की घटनाएं चिंता का विषय हैं।" उन्होंने धुबरी, बारपेटा औऱ मंगलदोई की घटनाओं का हवाला दिया, जहां एक समुदाय के लोगों द्वारा कथित तौर पर मूल निवासियों को परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, इन घटनाओं में राजनीति के साथ-साथ आपराध भी एक पहलू है। पुलिस को अपराधों से सख्ती से निपटने के लिए कहा गया है।
सरमा ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों में मामूली बदलाव ने एक धर्म विशेष के एक वर्ग को अपराधों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिसमें पिछले तीन वर्षों में कमी आई थी। उन्होंने कहा, अपराध जाति या धर्म के आधार पर नहीं होता है। बल्कि असम के लोगों को राजनीतिक रूप से जागरूक करना हमारी जिम्मेदारी है कि यह उनके भविष्य के लिए कितना खतरनाक है।
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सरमा ने पहले कहा था कि कांग्रेस द्वारा जीते गए अल्पसंख्यक बहुत निर्वाचन क्षेत्रों नगांव और धुबरी में लोकसभा परिणाम एक कमजोर सामाजिक ताने-बाने का संकेत देते हैं। अगर इसका कोई विरोध नहीं किया गया तो यह असमिया समाज के लिए कितना खतरनाक साबित होगा।
उन्होंने आरोप लगाया था कि लोगों के एक वर्ग के साथ एक पैटर्न उभरा है, जो दुष्कर्म जैसे जघन्य आपराधिक कृत्यों में लिप्त होकर राज्य में गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश कर रहा है।