हमारे देश में एक ऐसा भी गांव है, जहां पर अगर किसी की मौत हो जाती है तो उसे अंतिम संस्कार के लिए रात तक का इंतजार करना पड़ता है। जी, यह बिल्कुल सत्य है। इस गांव का नाम है बाघमारा, जो कि मेघालय राज्य के दक्षिण गारो हिल्स जिले में भारत-बांंग्लादेश की सीमा के पास है। यहां पर किसी हिंदु परिवार के किसी प्रियजन की मौत हो जाती है तो उनको अंतिम संस्कार के लिए रात तक इसका इंतजार करना पड़ता है। यहां के लोगों ने हर जगह अपील की, प्रशासन से लेकर सरकार तक और हाईकोर्ट तक, लेकिन आज तक उनको एक छोटा सा जमीन का टुकड़ा मयस्सर नहीं हो पाया है, ताकि वे अपने प्रियजन का अंतिम संस्कार शांति के साथ कर सके।
हम भगवान से प्रार्थना करते हैं हमारी मौत यहां नहीं हो
समस्या का समाधान नहीं होने तक हिंदुओं को बांग्लादेश की सिमसंग नदी के किनारे जो हिस्सा बांग्लादेश में पड़ता है, वहीं चोरी-छिपे रात के अंधेरे में जोखिम उठाकर अंतिम संस्कार कर रहे हैं। अगर बांग्लादेश की बीजीबी को इसकी भनक पड़ी तो वे गोली भी चला सकते हैं। अगर किसी दिन ऐसा हुआ तो एक बड़ा हादसा हो सकता है, क्योंकि अंतिम संस्कार करने काफी संख्या में लोग जाते हैं। इस तरह की परेशानी झेल रहे लोग कहते हैं, हम तो भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हमारी मौत यहां नहीं हो, जहां दो गज जमीन का टुकड़ा, अपने ही देश में मयस्सर ना हो।
अगले हफ्ते बुलाई है बैठक: डीसी
इस बारे में दक्षिण गारो हिल्सस, बाघमारा के डीसी शिवांश अवस्थी ने कहा है कि उनके ज्वाइन करने के बाद स्थानीय लोग इस संबंध में मिले थे। हिंदु समुदाय के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए जमीन मिले, इसके लिए मंगलवार को हमने सभी स्टेकहोल्डर्स की एक बैठक बुलाई है। पहले भी जमीन देने की कोशिश की लेकिन बहुत सी दिक्कतें आईं। यहां पर सबसे बड़ी दिक्कत है जमीन की, क्योंकि अंतिम संस्कर के लिए दी जानी है। इसके साथ ही बहुत सी चीजों का ध्यान रखना होता है। जल्द से जल्द लोगों को इस समस्या से निजात मिले, इसकी पूरी कोशिश जिला प्रशासन कर रहा है।