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Atmanirbhar Bharat : हाउसिंग सेक्टर को वित्त मंत्री का तोहफा, सीएलएसएस की अवधि बढ़ी

Thu, 14 May 2020 08:53 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जानलेवा महामारी कोरोना वायरस से पूरे देश की रफ्तार थमी हुई है। आम आदमी से लेकर अर्थव्यवस्था तक संकट के साये में है। ऐसे में लगातार नीचे जा रही अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को इसकी पहली किस्त का ब्योरा दिया था और गुरुवार को उन्होंने इसकी दूसरी किस्त के बारे में बताया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की दूसरी किस्त पेश कर रहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे से हाउसिंग सेक्टर के लिए तोहफा निकला। वित्त मंत्री ने गुरुवार को मध्यम आय वर्ग वालों के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) की अवधि बढ़ाते हुए इसे मार्च 2021 तक करने का एलान किया। इसके साथ ही सरकार हाउसिंग सेक्टर में 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाने की व्यवस्था कर रही है। 

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सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नई योजनाओं की शुरुआत कर रही है। हालांकि, सीएलएसएस पुरानी योजना है जिसकी शुरुआत मार्च 2017 में हुई थी। 31 मार्च 2020 को इसकी अवधि समाप्त हो गई थी, अब इसे फिर से एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इस कदम से जिन लोगों की सालाना आय छह से 18 लाख रुपये के बीच है वह इसका फायदा उठा सकते हैं। 

सरकार का मानना है कि साल 2020-21 के दौरान मध्यम आय वर्ग वाले ढाई लाख परिवारों को इस योजना का फायदा मिलेगा। अभी तक करीब 3.3 लाख मध्यम वर्ग के परिवारों को इसका फायदा मिला है। वित्तमंत्री ने कहा कि इस योजना से हाउसिंग सेक्टर में 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।  इस योजना वे स्टील, सीमेंट, ट्रांसपोर्ट और अन्य निर्माण सामग्री की मांग भी बढ़ेगी।
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क्या है सीएलएसएस

क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम या सीएलएसएस शहरी गरीबों को घर देने लिए शुरू की गए योजना है। इसमें मध्यम आय वर्ग (एमआईजी या मिडिल इनकम ग्रुप) के दो वर्ग एमआईजी-1 और एमआईजी-2 होते हैं। पहले वर्ग में वो परिवार आते हैं जिनकी सालाना आय छह से 12 लाख रुपये होती है और दूसरे वर्ग में वो आते हैं जिनकी सालाना आय 12 से 18 लाख रुपये के बीच होती है। 

एमआईजी-1 वर्ग के लोग नौ लाख रुपये तक के होम लोन पर इंट्रेस्ट में सब्सिडी का फायदा उठा सकते हैं, इनके लिए इंट्रेस्ट सब्सिडी चीर फीसदी होती है। एमआईजी-2 वर्ग के लोग 12 लाख रुपये तक के होम लोन पर सब्सिडी का फायदा ले सकते हैं और इनके लिए इंट्रेस्ट सब्सिडी तीन फीसदी रहती है। लोन की अवधि 20 साल की होगी 

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