पश्चिम बंगाल की राजनीति में कभी परचम लहराने वाली पार्टी सीपीआई (एम) ने टीएमसी, भाजपा और आरएसएस पर जोरदार हमला बोला है। सीपीआई(एम) नेता मोहम्मद सलीम ने आरएसएस को नंबर वन दुश्मन बताते हुए तृणमूल कांग्रेस और भाजपा को चुनावी मैदान में देख लेने की चुनौती दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में मोहम्मद सलीम ने आगे कहा कि राज्य में अपनी पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए भाजपा और टीएमसी की जनविरोधी नीति को जनता के बीच ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी शिक्षित युवा नेताओं का एक कैडर भी तैयार करेगी।
मुस्लिम लीग और भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का टीएमसी में विलय हो गया: मोहम्मद सलीम
सलीम ने कहा कि सीपीआई (एम) टीएमसी को वैचारिक रूप से संचालित पार्टी नहीं मानती है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी जिसने सभी राजनीतिक दलों के लोगों को आकर्षित किया था उनपर आरएसएस, मुस्लिम लीग और विफल नक्सलियों का प्रभाव था। सलीम ने जोर देकर कहा कि कृपया ध्यान दें कि मुस्लिम लीग और भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ दोनों का टीएमसी में विलय हो गया है।
हमने कोरोना के दौरान बंगाल में लोगों की बहुत मदद की
मोहम्मद सलीम ने कहा कि कोविड के वर्षों के दौरान 'रेड वालंटियर्स' का एक दल विकसित किया गया जिसने राहत कार्य किया, रोगियों को ऑक्सीजन सिलेंडर वितरित किए, रक्त आपूर्ति और अस्पताल में भर्ती का आयोजन किया। हमने प्रवासी श्रमिकों के बीच भी काम किया, उनकी प्रगति में मदद की और सस्ती कैंटीन लगाई। मोहम्मद सलीम ने कहा कि हमारी पार्टी ने 1942 के महान बंगाल अकाल और विभाजन के दौरान इसी तरह के काम की अपनी परंपराओं को अपनाया। हालांकि सामाजिक कार्य अभी तक चुनाव जीतने में मदद करने में कामयाब नहीं हुए हैं, लेकिन इसने निश्चित रूप से कैडर का मनोबल बढ़ाया है, जैसा कि हाल के उपचुनावों में स्पष्ट था, जहां कोलकाता की सड़कों पर लाल झंडियों और बैनरों ने फिर से वापसी की।