फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Me Too: माकपा विधायक मुकेश यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार, इस वजह से हुए रिहा

Tue, 22 Oct 2024 11:43 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मलप्पुरम

सार

हेमा समिति की रिपोर्ट केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को सौंपे जाने के पांच साल बाद 19 अगस्त, 2024 को जारी की गई थी। चौंकाने वाली रिपोर्ट में शोषण, यौन उत्पीड़न, सत्ता के दुरुपयोग और लॉबिंग के बारे में काले कारनामे सामने आए थे।
विज्ञापन
एम मुकेश - फोटो : इंस्टाग्राम/एम मुकेश
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साउथ के सुपरस्टार अभिनेता एम मुकेश की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उन्हें सोमवार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। हालांकि, बाद में रिहा भी कर दिया। बताया जा रहा कि 2010 के त्रिशूर जिले में यौन उत्पीड़न के एक मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक को गिरफ्तार किया गया था। 

विज्ञापन


24 सितंबर को दी थी अग्रिम जमानत
विधायक मुकेश के वकील ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अभिनेता को गिरफ्तार करने के बाद उनका मेडिकल जांच और शक्ति परीक्षण किया गया। उसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया क्योंकि सत्र अदालत ने पहले ही 24 सितंबर को मामले में अग्रिम जमानत दे दी थी।

अभिनेता के खिलाफ दो मामले दर्ज
मुकेश के खिलाफ एक वडक्कनचेरी और दूसरा मरदु पुलिस ने दो मामले दर्ज किए गए हैं। दोनों में उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई है। पुलिस ने बताया कि वडक्कनचेरी में मामले में शिकायतकर्ता वही महिला अभिनेत्री हैं, जिनकी शिकायत पर मरदु पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विज्ञापन


अभिनेता ने दावा किया है कि शिकायतकर्ता की धमकियों के आगे नहीं झुकने के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है।  

19 अगस्त को सामने आई थी रिपोर्ट
हेमा समिति की रिपोर्ट केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को सौंपे जाने के पांच साल बाद 19 अगस्त, 2024 को जारी की गई थी। चौंकाने वाली रिपोर्ट में शोषण, यौन उत्पीड़न, सत्ता के दुरुपयोग और लॉबिंग के बारे में काले कारनामे सामने आए थे। रिपोर्ट जारी होने के बाद से ही कुछ महिलाएं अभिनेताओं और निर्देशकों के खिलाफ यौन दुराचार के आरोप लगाने के लिए आगे आईं।

केरल सरकार ने साल 2017 में अभिनेत्री से मारपीट के मामले के बाद जस्टिस हेमा समिति का गठन किया था और इसकी रिपोर्ट में मलयालम सिनेमा उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न और शोषण के मामलों का खुलासा हुआ था। कई अभिनेताओं और निर्देशकों पर लगे यौन उत्पीड़न और शोषण के आरोपों के जवाब में, राज्य सरकार ने दावों की जांच के लिए 25 अगस्त को सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें