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Parliament Session: सीपीआई सांसद ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखा पत्र, संसद के विशेष सत्र को लेकर कही यह बात

Sun, 03 Sep 2023 05:37 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बिनॉय विश्वम - फोटो : एएनआई (फाइल)
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सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने संसद के विशेष सत्र को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति से संसदीय प्रणाली को संरक्षित करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि हमारे संविधान में परिकल्पित नियंत्रण और संतुलन की प्रणाली एक बड़े खतरे में है। भाकपा सांसद ने दावा किया कि विशेष सत्र के साथ सरकार यह संदेश देना चाहती है कि संसद में बहुमत ने उसे संसदीय प्रणाली को पूरी तरह से खत्म करने में सक्षम बना दिया है।

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उन्होंने कहा कि जिस तरह से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है उससे संविधान खतरे में है। जिस तरह से सरकार 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए आगे बढ़ी है, उसके बारे में मैं निराशा के साथ आपको लिख रहा हूं। एक समन के जरिए यह सूचित किया गया कि इस विशेष सत्र में वे सभी कार्य नहीं होंगे जो संसद एक विधायिका के रूप में हमेशा करती रही है। इसमें शून्यकाल, प्रश्नकाल या निजी सदस्य कार्य नहीं होगा। विशेष सत्र के लिए कोई एजेंडा भी जारी नहीं किया गया है। संसद का कार्य सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाए रखना है। हालांकि, इन कदमों से यह आश्चर्य होता है कि क्या यह सत्र कार्यकारी संसद होगा, जो उस सदन की जगह लेगा जहां बहस, चर्चा और असहमति होती थी।

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संसद का विशेष संसद सत्र 18-22 सितंबर तक
दरअसल, संसद का विशेष संसद सत्र 18-22 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। बता दें कि आम तौर पर एक वर्ष में तीन संसदीय सत्र आयोजित किए जाते हैं- बजट, मानसून और शीतकालीन सत्र। लोकसभा-राज्यसभा सचिवालय ने बताया था कि विशेष सत्र के दौरान प्रश्नकाल या फिर निजी सदस्यों के कामकाज जैसी कार्यवाही नहीं होगी। सचिवालय के अनुसार सत्र के दौरान पांच बैठकें होंगी। 

प्रश्नकाल या निजी सदस्यों के कामकाज के बिना आयोजित होगा
इसे लेकर लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय ने शनिवार को बुलेटिन जारी किया। इसमें बताया गया कि 17वीं लोकसभा का 13वां संसद सत्र सोमवार 18 सितंबर 2023 को शुरू होगा। राज्यसभा की कार्यवाही भी 18 सितंबर से ही शुरू होगी। दोनों सदनों का यह सत्र प्रश्नकाल या निजी सदस्यों के कामकाज के बिना आयोजित किया जाएगा।
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तो क्या विपक्ष के जल्दी आम चुनाव के दावे पर लगेगी मुहर
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही विपक्ष की तरफ से ऐसे दावे किए गए हैं कि मोदी सरकार इस बार आम चुनाव समय से पहले करा सकती है। दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि केंद्र की मोदी सरकार जनवरी फरवरी में लोकसभा चुनाव करा सकती है। वहीं, अब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार के हालिया बयान से इन चर्चाओं में दम नजर आ रहा है। ममता बनर्जी और नीतीश कुमार ने कहा है कि यह लोग लोकसभा चुनाव समय से पहले भी करवा सकते हैं। 

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