भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को वित्त वर्ष 2020-21 में 171.04 करोड़ रुपये मिले और इसमें से पार्टी ने 101.80 करोड़ रुपये खर्च किए। यह जानकारी पार्टी ने निर्वाचन आयोग के पास जमा की गई अपनी ताजा सालाना लेखापरीक्षित रिपोर्ट में दी है।
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वहीं, मेघालय में सत्ताधारी नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों के अनुसार इसे 69.82 लाख रुपये प्राप्त हुए और 32.30 लाख रुपये खर्च किए गए।
ये दोनों पार्टियां मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल हैं और वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इनकी वार्षिक लेखापरीक्षित रिपोर्ट बुधवार को सार्वजनिक की गई। सीपीआई (एम) केरल में सरकार का नेतृत्व कर रही है। एनपीपी उत्तर-पूर्वी राज्यों की एकमात्र पार्टी है जिसे राष्ट्रीय दल का दर्जा मिला है।