जस्टिस रमेश ने साथ ही खुद को पुरुष ट्रांसजेंडर बताने वाले उम्मीदवारों को शारीरिक माप, सहनशक्ति और शारीरिक दक्षता के परीक्षणों में महिलाओं व अन्य सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों के बराबर ही छूट देने की मांग की।
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार को ट्रांसजेंडरों को विशेष आरक्षण का तय पीसदी मुहैया कराने की सलाह दी। कोर्ट ने कहा, यह सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ वर्ग को मिलने वाली अन्य राहतों से अलग होना चाहिए। जस्टिस एमएस रमेश ने ट्रांसजेंडर शारदा और सात अन्य की रिट याचिका को मंजूरी देते हुए यह सिफारिश की।
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जस्टिस रमेश ने साथ ही खुद को पुरुष ट्रांसजेंडर बताने वाले उम्मीदवारों को शारीरिक माप, सहनशक्ति और शारीरिक दक्षता के परीक्षणों में महिलाओं व अन्य सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों के बराबर ही छूट देने की मांग की। जस्टिस रमेश ने कहा, राज्य में आरक्षण, छूट व राहत प्रदान करते वक्त अन्य सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की ही अनुपात में ट्रांसजेंडरों को भी राहत प्रदान की जाए।