फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक महीने में 40 हजार वेंटिलेटर हो जाएंगे तैयार, कई स्वदेशी कंपनियां निर्माण में जुटी

Sat, 02 May 2020 03:59 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
वेंटिलेटर(सांकेतिक तस्वीर ) - फोटो : facebook
विज्ञापन

कोरोना वायरस को लेकर देश के अस्पतालों में वेंटिलेटर की कमी दूर हो सकेगी। सरकार का दावा है कि एक महीने में 40 हजार वेंटिलेटर तैयार हो जाएंगे। भारत की कई कंपनियां वेंटिलेटर के निर्माण में जुटी हुई हैं। शुक्रवार को एम्पावर्ड ग्रुप तीन के चेयरमेन पीडी वाघेला ने बताया कि इस वक्त देश में करीब 75 हजार वेंटिलेटर की जरूरत है।

विज्ञापन


फिलहाल कुल 19,398 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। जबकि 60,884 का ऑर्डर दिया जा चुका है। उन्होंने ये भी बताया कि दो महीने में हमें एक करोड़ 40 लाख मास्क मिलेंगे। वहीं अभी 30 करोड़ हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) दवा उपलब्ध हैं। मार्केट में नौ करोड़ टैबलेट दी जा चुकी हैं। देश में एचसीक्यू दवा का उत्पादन भी बढ़ाया है।

दरअसल कोरोना वायरस से पहले देश में करीब 8 से 10 हजार वेंटिलेटर सरकारी अस्पतालों में मौजूद थे। जबकि प्राइवेट अस्पतालों में इनकी संख्या तकरीबन 40 हजार है। मार्च में जब संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई तो वेंटिलेटर की खरीदी पर भी सरकार ने जोर दिया।
विज्ञापन


चूंकि भारत में अब तक हर माह औसतन पांच हजार वेंटिलेटर तैयार हो रहे थे लेकिन सिंगापुर, कोरिया और जापान से रॉ मैटेरियल मंगाने के बाद भारत में वेंटिलेटर के उत्पादन की क्षमता हर दिन बढ़ती जा रही है। इसी का परिणाम है कि पिछले एक महीने में नौ हजार वेंटिलेटर की आपूर्ति हो चुकी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ही अधिकारी बताते हैं कि मई से जून माह के बीच देश में अलग अलग कंपनियों के जरिए करीब 40 हजार वेंटिलेटर तैयार होंगे। जिसमें पोर्टेबल वेंटिलेटर भी शामिल हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें