कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद पांच तरह के गंभीर परिणाम सामने आते हैं। इनमें वैक्सीन प्रोडक्ट रिलेटेड रिएक्शन, वैक्सीन क्वालिटी डिफेक्टेड रिएक्शन, इम्यूनाइजेशन एरर, इम्यूनाइजेशन एंग्जाइटी-रिलेटेड रिएक्शन और संयोग से जुड़ी घटना शामिल है। बता दें कि 'नेशनल एडवर्स इवेंट्स फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन' कमेटी यह सुनिश्चित करती है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति को किस तरह का साइड इफेक्ट्स हुआ है।
टीकाकरण से जुड़ा डाटा जल्द आएगा सामने
डॉ. अरोड़ा का कहना है कि कोविड वैक्सीन लगवा चुके लोगों की मॉनिटरिंग से जुड़ा डाटा जल्द ही पब्लिक पोर्टल पर उपलब्ध होगा। ये ऐसा कदम होगा, जिसकी मांग सभी स्वास्थ्य विशेषज्ञ कर रहे हैं। डॉ. अरोड़ा ने बताया कि अब तक वैक्सीन लगवा चुके सात करोड़ लोगों की मॉनिटरिंग पूरी की जा चुकी है। इनमें से 0.5 फीसदी से भी कम में वैक्सीनेशन के बाद गंभीर साइड-इफेक्ट्स के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि हमने इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इससे जुड़े आंकड़े जल्द सामने आ जाएंगे।