दिल्ली में साल 2005 में हुए सीरियल बम बलास्ट में पटियाला हाउस कोर्ट गुरुवार को फैसला सुना सकता है। ब्लास्ट में 60 लोग मारे गए थे और 100 लोग घायल हुए थे। मामले में कोर्ट सोमवार को फैसला सुनाने वाला था लेकिन, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितेश सिंह ने फैसला गुरुवार तक के लिए टाल दिया।
इस मामले में तारिक अहमद दार, मोहम्मद हुसैन फैजिली और मोहम्मद रफिक शाह ट्रायल का सामना कर रहे हैं। कोर्ट ने 2008 में हमलों के मास्टरमाइंड दार और अन्य दो पर भारतीय दंड संहिता के तहत देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, हथियार जुटाने, साजिश रचने, हत्या तथा हत्या के प्रयास में आरोप दाखिल किए थे। वहीं दिल्ली पुलिस ने दार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। उसकी कॉल डिटेल से पुलिस को पता चला था कि वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हुक्मरानों के संपर्क में था।
बता दें कि 2005 में श्कर-ए-तैयबा ने दिवाली से एक दिन पहले दिल्ली में तीन सिलसिलेवार बम ब्लास्ट को अंजाम दिया था। जिसमें से 2 ब्लास्ट सरोजनी नगर और पहाड़गंज मार्केट में हुए थे। वहीं एक ब्लास्ट गोविंदपुरी में बस में हुआ। ब्लास्ट के बाद तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थी।