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17% शहरी आबादी झोपड़ी में, वायु प्रदूषण से मरते हैं 6 लाख लोग

Thu, 16 Feb 2017 03:08 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रदूषण - फोटो : GettyImages
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विश्व की आधी से ज्यादा आबादी शहरों में रहती है और भारत का हाल भी इससे अपवाद नहीं है। एक अनुमान के तौर देश में 2030 तक 6 बड़े शहरों में 1 करोड़ के पार पहुंच जाएगी। लेकिन इतनी बड़ी आबादी के हिसाब से अच्छी प्लानिंग होना अभी बाकी है। 
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16 फीसदी घरों में नहीं है साफ वाशरुम

यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट फंड की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के शहरों में रहने वाली 17 फीसदी आबादी झोपड़पट्टी में रहने को मजबूर है, जहां नागरिक सुविधाओं का काफी आभाव है। ऐसी आबादी में 16.7 फीसदी ऐसे घरों में रहती है, जहां पर साफ वाशरुम भी नहीं है।

2013-14 की जनगणना के अनुसार, 68 फीसदी आबादी गांव में रहती है और 31 फीसदी लोग शहरों में रहते हैं। लेकिन नौकरी के अवसर शहरों में होने के कारण लोग गांव से पलायन कर रहे हैं, जिससे शहरों के संसाधन छोटे पड़ रहे हैं। शहरों में व्याप्त वायु प्रदूषण के कारण हर साल 6 लाख लोग मौत का शिकार हो रहे है। 
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