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नवाब मलिक को राहत नहीं: 22 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए, अदालत से की थी खराब स्वास्थ्य की शिकायत  

Mon, 18 Apr 2022 04:06 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

राकांपा नेता 21 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले 7 मार्च तक ईडी की हिरासत में थे, जिसे बाद में 4 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया था।
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नवाब मलिक (फाइल फोटो) - फोटो : social media
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विस्तार
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मुंबई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत 22 अप्रैल तक बढ़ा दी, हालांकि राकांपा नेता ने खराब स्वास्थ्य की शिकायत की थी इसके बावजूद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मलिक को धन शोधन निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए नामित विशेष न्यायाधीश आर एन रोकाडे के समक्ष पेश किया गया था।

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अदालत को गुर्दे की बीमारी के बारे में बताया
राकांपा नेता ने विटनेस बॉक्स में कदम रखा और अदालत को बताया कि वह गुर्दे की बीमारी के कारण अस्वस्थ हैं और उनके पैरों में सूजन है। मलिक ने आगे कहा कि जब भी उन्होंने अपने पैरों में दर्द की शिकायत की, जेल अधिकारियों ने उन्हें केवल दर्द निवारक दवाएं दीं। मलिक ने कहा कि मैं अपनी चिकित्सा समस्याओं का स्थायी समाधान चाहता हूं। 

22 अप्रैल को याचिका पर फिर सुनवाई 
मलिक के वकील कुशल मोर ने अदालत को बताया कि मंत्री की अवैध गिरफ्तारी और तत्काल रिहाई की मांग को चुनौती देने वाली याचिका पर 22 अप्रैल को सुनवाई होने की संभावना है। विशेष न्यायाधीश रोकाडे ने मलिक की न्यायिक हिरासत 22 अप्रैल तक बढ़ा दी। मलिक को 23 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच मामले में गिरफ्तार किया गया था। 
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राकांपा नेता 21 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले 7 मार्च तक ईडी की हिरासत में थे, जिसे बाद में 4 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया था। 4 अप्रैल को उनकी हिरासत फिर से 18 अप्रैल तक बढ़ा दी गई थी।

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