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Omicron Alert: भारत में ओमिक्रॉन की वजह से 48 दिन में तीस गुना बढ़े कोरोना केस, अब जल्द पीक आने की संभावना, डेटा से जानिए क्या है इसकी वजह?

Thu, 20 Jan 2022 10:44 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमर उजाला आपको बता रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के देश में मिलने के बाद से लेकर अब तक भारत में कोरोना के नए केसों की रफ्तार किस तेजी से बढ़ी है और क्या भारत अब तीसरी लहर के पीक के करीब है?
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भारत में ओमिक्रॉन का बढ़ना जारी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के दो लाख 82 हजार नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ देश में अब एक्टिव केस यानी कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 18 लाख के पार हो गई है। इस बीच वैज्ञानिक लगातार यह दावा कर रहे हैं कि भारत में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को अब ओमिक्रॉन वैरिएंट पूरी तरह रिप्लेस कर चुका है। इसी के चलते देशभर में कोरोना की रफ्तार पिछले 15 दिनों में जबरदस्त रूप से तेज हुई है। 
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अमर उजाला आपको बता रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के देश में मिलने के बाद से लेकर अब तक भारत में कोरोना के नए केसों की रफ्तार किस तेजी से बढ़ी है। यह हाल तब है, जब भारत में जीनोम सीक्वेंसिंग की क्षमता काफी कम है। यानी जैसे भारत में ओमिक्रॉन के प्रसार की रफ्तार बढ़ी, वैसे ही भारत में हर रोज मिलने वाले संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। 


 

गौरतलब है कि भारत में ओमिक्रॉन का पहला केस दो दिसंबर को मिला था। तब बेंगलुरु के दो व्यक्ति एक साथ इस वैरिएंट से संक्रमित पाए गए थे। भारत में उस दिन कोरोना के 5326 नए केस मिले। हालांकि, एक हफ्ते बाद (9 दिसंबर) तक भारत में ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या 25 पहुंच गई। इस दौरान देश में हर दिन मिलने वाले केसों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ और नौ दिसंबर को भारत में कोरोना के नए केसों का आंकड़ा पिछले हफ्ते से दोगुना होगा 9 हजार 419 पर पहुंच गया। 


अगले दो हफ्तों यानी 9-16 दिसंबर और 16-23 दिसंबर के बीच भारत में ओमिक्रॉन के केसों की रफ्तार काफी धीमी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन को लेकर राज्यों की तरफ से प्रतिबंधों के एलान और लोगों में इस अनजान वैरिएंट के डर की वजह से कुछ हद तक इसके प्रसार पर रोक लगी। इसलिए जहां 16 दिसंबर तक देश में ओमिक्रॉन के सिर्फ 73 मामले मिले, वहीं 23 दिसंबर तक यह संख्या 236 तक पहुंच पाई। इस दौरान कोरोना के रोजाना मिलने वाले केसों का आंकड़ा भी औसतन 7500 के करीब रहा।  

क्रिसमस वीक: ओमिक्रॉन के केस बढ़े चार गुना, नए केस हुए दोगुने

हालांकि, क्रिसमस और न्यू ईयर के आते-आते भारत में बाजारों में एक बार फिर भीड़ बढ़ने लगी। इसका असर यह हुआ कि कुछ समय तक नियंत्रित रहे कोरोना के केस अगले एक हफ्ते में तेजी से बढ़े। 30 दिसंबर तक देश में ओमिक्रॉन के मामले लगभग चार गुना होकर 961 पर पहुंच गए। इसी दौरान भारत में कोरोना के हर दिन मिलने वाले केस भी पिछले हफ्ते के मुकाबले दोगुने हो गए। 30 दिसंबर को देश में कोरोना के 13 हजार 154 नए मामले दर्ज हुए। 

न्यू ईयर वीक: ओमिक्रॉन के केस तीन गुना बढ़े, नए केसों में छह गुना उछाल

ओमिक्रॉन के बढ़ने के साथ तेजी से बढ़ी कोरोना की रफ्तार। - फोटो : Amar Ujala
भारत में स्थितियों का बिगड़ना न्यू ईयर के जश्न के बाद शुरू हुआ। 6 जनवरी तक देश में ओमिक्रॉन का आंकड़ा 2630 पर आ गया। यानी एक हफ्ते में ही भारत में ओमिक्रॉन के केस तीन गुना हो गए। रोजाना मिलने वाले केसों में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और छह जनवरी को देश में कोरोना के 90,928 मामले सामने आए। भारत में सक्रिय मरीजों की संख्या भी 82 हजार से बढ़कर दो लाख 85 हजार से ज्यादा हो गई। 

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान भारत में आर वैल्यू (किसी एक व्यक्ति के एक से ज्यादा लोगों को संक्रमित करने की संख्या) जबरदस्त तेजी से बढ़ी थी। 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक पूरे भारत में आर वैल्यू 2.9 तक पहुंच गई थी, जबकि एक जनवरी से छह जनवरी तक यह आंकड़ा चार तक पहुंच गया था। यानी इस दौरान कोई एक पीड़ित औसत तौर पर अपने साथ चार और को कोरोना संक्रमित कर सकता था। 

7-13 जनवरी: हफ्तेभर में दोगुने हुए ओमिक्रॉन के केस, ढाई गुना बढ़े कोरोना के नए मामले

भारत में नए साल के बाद से स्थिति नियंत्रण से बाहर हैं। खासकर 7 से 13 जनवरी तक के हफ्ते को देखा जाए तो देश में ओमिक्रॉन के केस दोगुने होकर 5488 पर पहुंच गए। इस बीच देश में रोजाना के कोरोना केसों का आंकड़ा 2.50 लाख के करीब आ गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हफ्ते में एक्टिव केस पांच गुना बढ़कर 11 लाख के पार हो गए। 
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बीते एक हफ्ते में क्या है देश में ओमिक्रॉन-कोरोना की रफ्तार?

क्रिसमस के बाद से भारत में कोरोना के एक्टिव केस लगातार बढ़े हैं। - फोटो : Amar Ujala
भारत में 19 जनवरी तक ओमिक्रॉन के मामले नौ हजार के करीब पहुंच चुके हैं। यानी इस नए वैरिएंट की रफ्तार पहली बार हफ्ते में दोगुने की रफ्तार से नहीं बढ़ी है। राहत भरी बात यह है कि कोरोना के रोजाना मिलने वाले मामले भी इस दौरान स्थिर हुए हैं और लगातार ढाई लाख से तीन लाख के बीच बने हुए हैं। डेटा मॉडलिंग के लिहाज से बात की जाए तो अगर संक्रमितों के आंकड़ों में कोई बड़ा उछाल नहीं आ रहा और औसत मामलों की संख्या एक सीमित स्तर तक ही पहुंच रही है, तो यह लहर के थमने के संकेत हैं। भारत में भी 12 से 19 जनवरी के बीच औसत मामले 2.58 लाख से 2.67 लाख के बीच बने हैं। यानी तीसरी लहर में कोरोना की रफ्तार अब स्थिर हो गई है। ऐसे में माना जा सकता है कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर का पीक जल्द आने की संभावना है।
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