कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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चीन से निकल कर कोरोना वायरस पिछले डेढ़ साल से दुनिया भर में तबाही मचा रहा है। भारत की बात करें तो अब तक 30,946,074 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, जबकि 4,11,439 लोग अपनी जिंदगी गंवा चुके हैं। इनमें से 2.54 से अधिक लोगों की मौत दूसरी लहर में हुईं, यह संख्या पहली लहर की तुलना में एक लाख से अधिक है।
देश में इस महामारी से जान गंवाने वालों का आंकड़ा चार लाख के पार हो गया। इनमें से सबसे ज्यादा 1.22 लाख मौत महाराष्ट्र में हुई हैं। कोरोना माहामारी की दूसरी लहर की शुरुआत को एक मार्च से माना जाए, तो उसके बाद से 2.54 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, जबकि एक मार्च से पहले यानी पहली लहर में देश में कोरोना से 1.57 लाख से अधिक मौतें दर्ज की गई थीं। देश में अब तक 4,11,408 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
कई राज्य अपने यहां मौतें के आंकड़ों का मिलान कर पुरानी संख्या को जोड़ रहे हैं, जिसके चलते दैनिक मौतों में गिरावट होने के बावजूद मरने वालों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। मध्यप्रदेश ने सोमवार को 1,481 पुराने कोविड की मौत की सूचना दी, जिसके बाद मौतों की दैनिक संख्या 2000 के पार पहुंच गई थी। हालांकि, उसी दिन करीब चार महीने बाद सबसे कम 30,557 नए कोरोना मरीज मिले।
इन राज्यों में तीसरी लहर की आहट
देश में संक्रमण के दैनिक मामले घटे, लेकिन केरल, महाराष्ट्र और ओडिशा में एक बार फिर कोरोना वायरस ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है।बता दें कि 11 दिन यानी 11 जुलाई तक केरल में 1.28 लाख से अधिक और महाराष्ट्र में 88,130 से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं, जिसे देखकर विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बरतने की जरूरत है। यह केरल और महाराष्ट्र में कोरोना की तीसरी लहर का आगमन है। इससे पहले पहली और दूसरी लहर में भी इसी तरह के रुझान देखने को मिले थे।