देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच, भारतीय निर्वाचन आयोग ने बुधवार को स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा घरेलू एकांतवास में रहने वाले लोगों पर मुहर लगाने के लिए अमिट स्याही के उपयोग की अनुमति देने का फैसला किया, लेकिन साथ ही इसके लिए कई शर्तें भी रखी है। अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे किसी भी व्यक्ति के बाएं हाथ की किसी भी उंगली पर अमिट स्याही का उपयोग न करें।
एक बयान में कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण असाधारण परिस्थितियों उत्पन्न हुई है इसलिए आयोग ने अपने निर्णय की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को घरेलू एकांतवास में रहने वाले लोगों पर निशान लगाने के लिए अमिट स्याही के उपयोग करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। साथ ही कई शर्तें भी रखी है।
इसमें कहा गया है कि मंत्रालय उस चिह्न और निकाय के स्थान को मानकीकृत कर सकता है जहां निशान को लागू किया जाना है ताकि यह देश में कहीं भी चुनाव के संचालन में न आए। अधिकारियों को उन व्यक्तियों के रिकॉर्ड को बनाए रखने के लिए भी निर्देश दिया जाएगा जिन पर स्याही लगाई गई है।
गौरतलब हो कि वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए पूरे देश में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है। अभी तक भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 562 हो गई है। इनमें से 512 लोगों का इलाज चल रहा है। बुधवार को बिहार और मिजोरम में एक-एक, मध्यप्रदेश में पांच, तेलंगाना में तीन, गुजरात में तीन, महाराष्ट्र में पांच और राजस्थान में चार नए मरीज मिले हैं।
देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है, जहां संक्रमित रोगियों की संख्या 116 हो गई है। राज्य के सांगली जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। इसके अलावा मुंबई के चार और लोगों को यात्रा करने की वजह से पॉजिटिव टेस्ट के रूप में पहचान किया गया है।