आईटीबीपी ने कोरोनावायरस से प्रभावित संदिग्ध लोगों को बुनियादी चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए बाहरी दिल्ली के छावला कैंप में 600 बेड का विशेष केंद्र बनाया है। वहीं सेना ने हरियाणा के मानेसर में वुहान से आने वाले 300 छात्रों की जांच और देखभाल की व्यवस्था की है।
आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडेय ने बताया, 600 बेड वाले इस केंद्र में डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी। यहां रखे जाने वाले लोगों को खाना, पानी व बुनियादी सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी। बच्चों व महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चीन से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट से सीधे यहां लाया जाएगा।
इसलिए स्वास्थ्य आपातकाल घोषित
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एधोनोम गेब्रेयेसस ने, वैश्विक आपातकाल घोषित करने की मुख्य वजह चीन के बाहर देशों में लोगों का वायरस से संक्रमित होना है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह वायरस कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था वाले देशों में फैल सकता है। बृहस्पतिवार को जेनेवा में आपात बैठक बुलाकर डब्ल्यूएचओ ने इस प्रकोप को स्वास्थ्य आपदा घोषित किया।
कोरोनावायरस से संक्रमित होने के संदेह में छह लोगों को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन्हें अलग वार्ड में सघन निगरानी में रखा गया है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इनमें से पांच लोगों ने खुद अस्पताल से संपर्क किया था। पांच लोगों में से 24 वर्षीय महिला 2015 से चीन में रह रही हैं और 29 जनवरी को भारत लौटी थी।
चार पुरुष 23 जनवरी को भारत लौटें, जिनमें से एक की उम्र 45 वर्ष है। एक अन्य 35 वर्षीय व्यक्ति पिछले सात वर्षों से चीन में रह रहा है और वह 28 जनवरी को भारत लौटा। वहीं, केरल में संक्रमित महिला छात्र को त्रिशुर मेडिकल कॉलेज से सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।