भारत में कोरोना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है। इस बीच कोरोना के कई नए स्ट्रेन देखने को मिल रहे हैं। कोरोना के इन नए स्ट्रेन में अलग-अलग लक्षण भी हैं। ऐसे में आम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए अमर उजाला फाउंडेशन ने एक पहल की है। इसके तहत जाने-माने डॉक्टर सिद्धार्थ गुप्ता बता रहे हैं कि कोरोना के नए स्ट्रेन के लक्षण क्या हैं और इनसे कैसे सुरक्षित रहा जाए? हमारे यूट्यूब पेज पर आप भी कोरोना वायरस से जुड़े अपने सवाल पूछ सकते हैं।
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कोरोना संकट के दौर में स्वस्थ रहना सबसे बड़ी चुनौती है। अमर उजाला फाउंडेशन की पहल पर डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता आपको बताएंगे कि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के लक्षण क्या हैं, वायरस की चपेट में आने पर आप क्या करें, क्या न करें। कौन-कौन सी चीजें आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं और कौन सी फायदेमंद हैं। डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता एंटी कोरोना टास्क फोर्स, नोएडा के सदस्य हैं।
लाइव चर्चा से ऐसे हो सकते हैं रूबरू
बता दें कि कोरोना वायरस से निपटने के तरीके जानने के लिए आपको बस अमर उजाला के फेसबुक पेज (www.facebook.com/Amarujala/) या यूट्यूब चैनल (https://www.youtube.com/user/NewsAmarujala) पर आना होगा। यहां आप रोजाना शाम 5 बजे वीडियो के माध्यम एक्सपर्ट्स से रूबरू हो सकेंगे और कमेंट बॉक्स में अपने सवाल पूछकर उनके जवाब जान सकेंगे। इन वीडियो के नोटिफिकेशन पाने के लिए हमारे फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल को तुरंत सब्सक्राइब कर लीजिए, जिससे आपसे यह लाइव चर्चा किसी भी हाल में मिस न हो।
इन विषयों पर होगी लाइव चर्चा
- 19 अप्रैल: कैसे जानें, आपको कोरोना है या नहीं?
- 20 अप्रैल: बच्चों को कोरोना है तो क्या करें?
- 21 अप्रैल: कोरोना का नया स्ट्रेन शक्तिशाली है, फेफड़ों में तेजी से हमला कर रहा वायरस।
- 22 अप्रैल: कैसे पता चले इम्यूनिटी कमजोर है?
- 23 अप्रैल: कोरोना इस बार नौजवान और बच्चों को कर रहा ज्यादा परेशान?
17 अप्रैल को इस विषय पर दी गई थी जानकारी
शनिवार यानी 17 अप्रैल को हुई चर्चा में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कमजोर इम्यूनिटी को कैसे पहचानें और उससे जुड़े किन लक्षणों को हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए इस बारे में जानकारी दी। इस विषय पर दिल्ली एम्स के डॉ. अमरिंदर सिंह के साथ उजाला सिग्नस के निदेशक डॉ. शुचिन बजाज ने विस्तार से जानकारी दी। आइए जानते हैं इसके बारे में...
कैसे जानें कमजोर है इम्यूनिटी
- क्लीनिकली- चोट और घाव का देर से ठीक होना।
- बार-बार डायरिया, गैस होना।
- बार-बार संक्रमण जैसे निमोनिया, जुकाम (एक साल में चार से ज्यादा बार)
- एक साल में तीन से चार बार साइनोसाइटिस।
- डायबिटीज, हार्ट की बीमारियों का ध्यान रखें।
इम्यूनिटी बूस्टर
- डाइट का ख्याल रखें।
- नमक, मैदा और चीनी का सेवन कम करें।
- योग-व्यायाम करें।
- बिना तड़के वाली सब्जियों का सेवन करें।
- रोजाना 6 से 8 घंटे जरूर सोएं।
- बीएमआई का विशेष ख्याल रखें।