कोरोनावायरस के चलते चीन से भारत आने वाले तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसको देखते हुए भारत अपने इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की गति बनाए रखने के लिए चीन से जरूरी उपकरणों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों ने बताया, भारतीय तकनीकी मंत्रालय ने स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग से जुड़े लोगों से बात शुरू कर दी है।
कोरोना के चलते चीन में बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर नहीं आ रहे। ट्रक ड्राइवरों की कमी, चेक पॉइंट पर सख्ती और चीनी बंदरगाहों पर कामगारों की कमी के सामान पहुंचने में देरी हो रही है।
चीन के वुहान से शुरू हुआ कहर दुनिया के अधिकतर देशों में फैल चुका है। चीन के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पता किया है कि कोरोना के दो स्ट्रेन हैं जिसका संक्रमण इंसानों में तेजी से फैल रहा है। पेकिंग यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेस और द इंस्टीट्यूट पेस्टर ऑफ शंघाई के वैज्ञानिकों का दावा है कि वुहान में फैले कोरोनावायरस से जुड़े स्ट्रेन का पता लगाया है जो बहुत ताकतवर है। 70 फीसदी मामले इसी के हैं।
ईरान सरकार भारत से अपने नागरिकों को निकालने के लिए विमान भेजेगी। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को ईरान का खाली विमान भारत आएगा और ईरानी यात्रियों को वापस लेकर जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ईरान के 495 नागरिक इस वक्त भारत में हैं। इसके अलावा एक और खाली विमान इसके अगले दिन भारत आएगा और ईरानी में भारतीय नागरिकों की जांच के लिए जरूरी उपकरण और संसाधन लेकर जाएगा। गौरतलब है कि ईरान में फंसे करीब 2000 भारतीयों को वापस लाने और उनकी जांच के लिए दिल्ली से चार वैज्ञानिक तेहरान पहुंच गए हैं।
कोरोना के खतरे को देखते हुए बृहस्पतिवार को इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र स्थल मक्का मस्जिद को खाली करवा लिया गया। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक मस्जिद के पहला तल पहले की तरह खुला हुआ है। केवल भूतल को ऐहतियातन बंद किया गया है। बुधवार को ही सऊदी सरकार ने साल भर चलने वाली उमरा यात्रा पर रोक लगा दी थी। उधर, ईरान सरकार ने एहतियात के तौर पर जुमे की नमाज पर रोक लगा दी है। यहां अब तक कोरोनावायरस की चपेट में आकर सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।