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कोरोना से बदला पुलिस के काम का तरीका, डिजिटल माध्यम से हो रही अपराधियों से पूछताछ

Sat, 11 Jul 2020 09:04 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला
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कोविड-19 महामारी के समय में लोगों से कानून का पालन करवाना एक चुनौती भरा काम हो गया है। लॉकडाउन के शुरू के दो महीनों में पुलिसकर्मी सड़कों पर उतरकर यह सुनिश्चित करने में लगे हुए थे कि लोग सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करें।

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इसके अलावा पुलिस कर्मियों को बेघरों और प्रवासी मजदूरों को खाना खिलाते और उनकी मदद करते देखा गया। दूसरी तरफ, कुछ ऐसे भी पुलिसवाले थे, जो पुलिस स्टेशन में फेस मास्क बनाने में लगे हुए थे। 


अब लॉकडाउन के नियमों में धीरे-धीरे छूट दी जा रही है और अपराधी भी अपराध को अंजाम देने के लिए बाहर निकलना शुरू हो गए हैं। इसलिए पुलिस भी इन अपराधियों से पूछताछ करने और इनसे जितना हो सके उतनी उचित दूरी बनाने के लिए 'वर्चुअल इंटेरोगेशन' (आभासी पूछताछ) जैसे विचार को लेकर आई है। अपराधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी भी वीडियो लिंक के जरिए अपराधियों से पूछताछ कर रहे हैं। 
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दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि कुछ को छोड़कर, लगभग सभी मामलों में उन्होंने आभासी पूछताछ को अपनाया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह विचार बहुत अच्छे ढंग से काम कर रहा है, क्योंकि अब अपराधियों से पूछताछ के लिए शीर्ष अधिकारियों को जूनियर्स पर निर्भर नहीं होना पड़ रहा है। वे अपने दफ्तर से एक क्लिक पर अपराधी से पूछताछ कर सकते हैं। 

इस सबकी शुरुआत पिछले महीने हुई थी, जब मध्य दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में 11 पुलिसकर्मी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला पुलिस प्रमुखों की एक आभासी बैठक के दौरान, एक अधिकारी ने अपने वरिष्ठों को सूचित किया कि ये सभी पुलिसकर्मी एक 37 वर्षीय व्यक्ति से संक्रमित हो गए थे। उस व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली थी और ये सभी घटनास्थल पर पहुंचे थे, जिसके चलते ये संक्रमित हो गए। 

शीर्ष अधिकारियों ने तब फैसला किया कि चूंकि वे पहले से ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कानून व्यवस्था को लेकर बैठकें कर रहे हैं, इसलिए वे संदिग्धों और गवाहों से भी डिजिटली सवाल कर सकते हैं।
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संयुक्त पुलिस आयुक्त (केंद्रीय रेंज) सुवाशीष चौधरी ने कहा कि आभासी पूछताछ से कई तरह के लाभ मिल रहे हैं और यह अच्छी तरह से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे समय की बचत के साथ-साथ सामाजिक दूरी भी सुनिश्चित होती है। कई बार हम सभी लोग साथ आकर अपराधी से आभासी पूछताछ करते हैं। 

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