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आम लोगों के 826 नमूने निगेटिव, आईसीएमआर ने कहा- 25 मार्च तक शांत हो सकता है कोरोना

Fri, 20 Mar 2020 03:23 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना से बचने के लिए मास्क लगाए लोग - फोटो : पीटीआई
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भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों ने कहा है कि सामुदायिक संक्रमण की जांच के लिए लिए गए 1000 सैंपलों में से 826 के निगेटिव आने से बड़ी राहत मिली है। इन नतीजों को देखकर कहा जा सकता है कि अगले छह से सात दिन में स्थिति काफी नियंत्रण में हो सकती है। इसके साथ ही 25 मार्च तक कोरोना से जुड़े मामलों में कमी आ सकती है। साथ ही पृथक मरीजों की अवधि भी पूरी हो जाएगी। इसके बाद कोरोना को लेकर समीक्षा की जा सकेगी।

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जानकारी के अनुसार अगर इन नूमनों में से कुछ पॉजिटिव पाए जाते तो देश में कोरोना के तीसरे चरण में पहुंचने की संभावना बढ़ जाती। लेकिन अब रिपोर्ट को देखकर लग रहा है कि कोरोना वायरस आम लोगों के बीच नहीं फैल रहा है। इस वायरस की चपेट में अभी तक वही लोग आए हैं जो विदेश से लौटे हैं या फिर संक्रमित व्यक्ति के संपंर्क में आए हैं। 

वैज्ञानिकों ने 25 मार्च तक लोगों से सुरक्षित रहने और अपना बचाव करने की अपील की है। इनका कहना है कि मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में कम मरीज सामने आए हैं जबकि तीसरे सप्ताह में फिलहाल दोगुने संक्रमित मरीज अस्पतालों में भर्ती होचुके हैं। बावजूद इसके भारत काफी मजबूत स्थिति में खड़ा है। मरीज भर्ती होने के बाद ठीक भी हो जा रहे हैं। इसलिए लोगों को कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है।
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(आईसीएमआर) के एक वैज्ञानिक ने बताया, देश के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों के भी सैंपल लेकर जांच की गई। मरीज सांस रोग के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। इनमें से कई आईसीयू में हैं। इनके सैंपल भी निगेटिव मिले हैं। इस परिणाम के बाद ये कहा जा सकता है कि देश के अस्पतालों को भी फिलहाल कोरोना वायरस से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा, अब तक देश में 72 लैब कोरोना वायरस की जांच कर रही हैं। इनमें अब तक साढ़े 12 हजार सैंपल की जांच हो चुकी है जिसमें 173 सैंपल पॉजिटिव मिले हैं। 
 

देशभर से इस तरह लिए गए नमूने

  • अचनाक चलते-फिरते लोगों के हैं 1000 नमूने।
  • देश की 52 टेस्टिंग लैब से मंगाए गए थे ये नमूने।
  • हर लैब से करीब 20 नमूने लिए गए।
  • नमूनों को जांच के लिए अलग-अलग लैबों में भेजा गया।
  • ये वो 1000 लोग हैं जिनका कोई भी विदेश यात्रा का इतिहास नहीं।
  • आईसीएमआर अब हर हफ्ते इसी तरह सैंपल उठाएगा और जांच करेगा।
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