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एनक्लैट ने जयपुर के जयमहल पर खारिज किया गायत्री देवी के नाती-पोतों को दावा

Fri, 20 Mar 2020 01:35 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनक्लैट) ने जयपुर के जयमहल होटल पर दिवंगत महारानी गायत्री देवी के नाती-पोतों का मालिकाना हक का दावा खारिज कर दिया। एनक्लैट ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के पिछले आदेश को भी खारिज कर दिया। 

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एनसीएलटी ने अपने आदेश में राजकुमार देवराज और राजकुमारी लालित्य कुमार को जयमहल होटल पर मालिकाना हक रखने वाली जय महल होटल्स प्राइवेट लिमिटेड में बहुलांश हिस्सेदारी हासिल करने की अनुमति दी है। 

एनक्लैट की दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि राजकुमार देवराज और राजकुमारी लालित्य 19 फरवरी 2009 की उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के आधार पर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकते हैं। एनक्लैट ने अपने 12 मार्च के आदेश में कहा कि पांच फरवरी 1997 में महाराज जगत सिंह की मौत के बाद महाराज की 23 जून 1996 की वसीयत के मुताबिक महारानी गायत्री देवी संपत्ति की इकलौती कानूनी वारिस हो गई।
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जबकि राजकुमार देवराज और राजकुमारी लालित्य ने कथित उत्पीड़न की शिकायत 2001 में की, क्योंकि फरवरी 1997 को वह महाराज जगत सिंह के मूल 5,050 शेयर पर दावा नहीं कर सकते थे। वे बाद में जय महल होटल के शेयर धारक क्रमश: 14 नवंबर 2008 और 19 फरवरी 2009 को बने।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि 2001 में 10 अप्रैल को महारानी गायत्री देवी ने होटल के शेयरों की अन्य मौजूदा शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश की और तब भी वादियों ने शेयर नहीं लिए। इसलिए एनसीएलटी के एक अगस्त 2018 के आदेश को बरकरार नहीं रखा जा सकता है।

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