कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लोगों के बीच चिंता का माहौल है। देशभर में अब तक कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 131 हो गई है। वहीं देश में अब तक इस वायरस से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वायरस के तेजी से फैलने पर रोक लगाने के लिए सरकार जरूरी कदम उठा रही है।
इधर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने इंफेक्शन से बचने के लिए कई दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। लोगों से अपील की है कि साफ सफाई का ज्यादा से ज्यादा ध्यान रखें, दरवाजे, खिड़कियां, लिफ्ट या किसी भी जगह पर हाथ लगाने से बचें। इसके अलावा किसी सामान को छूने से पहले उसको सैनिटाइज जरूर करें। हालांकि इसके बाद भी ये सवाल पैदा होता है कि वायरस का प्रकोप कहां और कितना ज्यादा है? नीचे दिए आंकड़ों से समझें कोरोना के असर का सारा गणित।
किस चीज पर कोरोना का कितना असर
- प्लास्टिक - 3 दिन
- स्टेनलेस स्टील - 3 दिन
- कार्डबोर्ड - 24 घंटे
- पॉलीप्रोफीलेन (एक प्रकार का प्लास्टिक) - 16 घंटे
- तांबा - 4 घंटे
- हवा - 3 घंटे
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक स्टडी के मुताबिक एक व्यक्ति एक घंटे में औसतन 23 या उससे अधिक बार अपने मुंह को स्पर्श करता है। अगर कोई जगह वायरस की चपेट में है और आप उस जगह के संपर्क में आए हैं तो इंफेक्शन होने की संभावना बनी रहती है। इन आंकड़ों से समझें कि औसतन कोई व्यक्ति अपने चेहरे को कितना स्पर्श करता है।
एक घंटे में औसतन स्पर्श
- कान (1 बार) - 1-20 सेकेंड
- बाल (4 बार) - 1-10 सेकेंड
- आंखें (3 बार) - 1-53 सेकेंड
- नाक (3 बार) - 1-10 सेकेंड
- गाल (4 बार) - 1-12 सेकेंड
- मुंह (4 बार) - 1-12 सेकेंड
- ठोड़ी (4 बार) - 1-10 सेकेंड
- गर्दन (1 बार) - 1-23 सेकेंड
कोरोना से बचाव जरूरी
- छींकने और खांसने से वायरस फैलने का डर
- छींक और खांसी की ड्रॉपलेट्स 6 फीट तक जाती है
- किसी ने छींकने या खांसने के बाद जगह को छुआ है तो वायरस फैल सकता है
- किसी छींक या खांसी के शुरुआती 10 मिनट से 1-2 घंटे तक इंफेक्शन संभव
- ज्यादातर वायरस कुछ घंटों या मिनटों में ही कम हो जाते हैं
- संक्रमित लोगों से वायरस फैलने की ज्यादा संभावनाएं
- संक्रमित जगहों को छू लेने से कोरोना होने की कम संभावना
- लाखों की संख्या में वायरस के कण ही रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म कर सकते हैं