कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लागू किया गया लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है। यह लॉकडाउन आगे जारी रहेगा या नहीं, यह चर्चा का विषय है। क्या लॉकडाउन का कोई दूसरा स्वरूप सामने आ सकता है, जहां स्थिति ठीक है वहां लॉकडाउन खत्म कर दिया जाए, एक जिले की बाहरी सीमाएं सील कर अंदर लोगों को इधर-उधर घूमने की छूट मिले, ऐसे कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पीएमओ से लगातार विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की जा रही है। उनसे पूछा जा रहा है कि वे 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन पीरियड आगे बढ़ाए जाने के पक्ष में हैं या नहीं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलौत के अनुसार, हमने अपने राज्य में काफी हद तक लॉकडाउन को सफल बनाया है। भीलवाड़ा जिला, जो कोरोना संक्रमण का हॉटस्पॉट बनकर उभरा था, सरकार ने वहां की स्थिति पर काबू पा लिया है।
हमने जिला प्रशासन को कह दिया था कि जहां भी कोरोना का केस दिखे, उसके दो किलोमीटर के क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दो। सभी एंट्री प्वाइंट पर चेक पोस्ट बना दी गई। 16 हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों के घर पहुंचकर उनकी स्क्रीनिंग की। लॉकडाउन आगे जारी रहेगा या नहीं, इस बाबत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कोई निर्णय लेंगे।
केंद्र सरकार हमारे सुझाव लेती रहती है। चूंकि ये बड़ा फैसला है, इसलिए आपस में बातचीत कर किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचेंगे। हालांकि यह हो सकता है कि एक चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खत्म हो।
इसमें पहले उन जिलों को शामिल किया जाए, जहां कोरोना का केस नहीं है। राजस्थान में सोमवार सुबह तक कोरोना के 253 केस सामने आए हैं।
कोरोना वायरस के छत्तीसगढ़ में 9 मामले बताए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि हमारे यहां 18 मार्च को कोरोना का पहला केस सामने आया था। हमने 21 मार्च से राज्य में लॉकडाउन लागू कर दिया। अब 14 अप्रैल तक वहां पूर्ण लॉकडाउन है। चार अप्रैल तक 1590 लोगों के सैंपल लेकर उनकी जांच की गई।
1375 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव मिली है। 205 लोगों की जांच अभी चल रही है और 10 लोगों की पॉजिटिव आई है। यहां कोरोना के चलते किसी की मौत नहीं हुई है। देश के कई दूसरे हिस्सों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।
अगर 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खोला जाता है तो ट्रेन, वायु सेना या सड़क यातायात से विभिन्न राज्यों के ऐसे लोग जो कोरोना के संक्रमण से ग्रसित हैं, वे छत्तीसगढ़ आ सकते हैं।
ऐसे में हमें नई कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। बघेल ने पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में कहा है कि इस बाबत कोई भी निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह से सोच विचार किया जाए। कोई ऐसा ठोस उपाय हो, जिससे कि कोरोना का संक्रमण न फैल सके।
हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य विभाग के मंत्री अनिल विज का कहना है कि प्रदेश ने लोगों के सहयोग से कोरोना को आगे बढ़ने से रोक दिया था। अब 1400 तब्लीगी जमातियों ने राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इनकी वजह से कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ा है।
इससे पहले प्रदेश में कोरोना के केस देखें तो छह जिलों में ही कुछ लोगों को यह संक्रमण हुआ था। उनकी संख्या भी 40 थी। अब एकाएक इनकी संख्या 80 के पार हो गई है। लॉकडाउन के बारे में फैसला केंद्र सरकार करेगी। हालांकि हमने केंद्र को प्रदेश की स्थिति से अवगत करा दिया है।
कुछ जिले, जहां अभी तक कोई केस ही नहीं आया है, वहां लॉकडाउन में ढील दी जा सकती है। बशर्तें वहां कोई बाहर से आने पाए। सीएम मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि मुझे पूरा विश्वास है, कोरोना हरियाणा से हारेगा और भारत से भागेगा। तब्लीगी जमात से आया हुआ है तो स्वयं आगे आकर अपनी स्वास्थ्य जांच कराएं।
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा का कहना है कि कोरोना वायरस, तीसरी स्टेज में न जा सके, इसके लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कड़े प्रयास करने होंगे। राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने कहा, लॉकडाउन ने देश को कोरोनावायरस का मुकाबला करने का एक अवसर दिया है।
अगले कुछ दिन हम सभी लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगे। कोरोनावायरस का संक्रमण न फैले, इसके लिए अपनी जरूरत के हिसाब से मौजूदा संसाधनों का उपयोग करना होगा। कैबिनेट सचिव ने कोरोना के मामलों की पहचान करने, टेस्ट करने और संदिग्ध लोगों को क्वारंटीन में रखने के उपाय तेज करने होंगे।