कोरोना वायरस से डरे लोग घरों में जरूरी सामान खरीदकर रख रहे हैं
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भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 170 से ज्यादा हो गई है। इस संक्रमण के साथ ही कुछ मौकापरस्त किस्म के लोग जमाखोरी और मुनाफाखोरी का मौका नहीं छोड़ रहे हैं। लोगों ने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाना कम कर दिया है और सफाई तथा सुरक्षा के सभी उपाय अपना रहे हैं। ज्यादार राज्य सरकारों ने भी 31 मार्च तक के लिए स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं।
लेकिन कोरोना संक्रमण के बीच अफवाहों का बाजार भी गरम हो रहा है। कुछ शरारती तत्व लोगों के बीच डराने वाली सूचनाएं फैला रहे हैं, जिसकी वजह से कुछ लोग घबरा भी रहे हैं। कुछ शहरों में इस बात की अफवाह तो तेजी से फैलाने की कोशिश की जा रही है कि देश में कोरोना से बचाव के लिए आपातकाल लगाते हुए देशबंदी (लॉकडाउन) की जा सकती है। इसे अंग्रेजी से लॉकडाउन भी कहा जा रहा है, जिसके बाद घबराए लोगों ने जरूरी सामान खरीदकर रखना शुरू कर दिया है।
इसी वजह से कई शहरों के सुपरमार्केट और दुकानों में घर का सामान खरीदने के लिए लोगों की लंबी लाइनें नजर आ रही हैं। उन्हें डर है कि यदि बाजार बंद हो जाएंगे तो उन्हें खाने-पीने का सामान नहीं मिल पाएगा। इसीलिए वह अपने घर में जरूरी सामान का स्टॉक रख रहे हैं।
अमर उजाला सभी पाठकों से यह अनुरोध करता है कि वो इस प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और इसे फैलाने वालों की जानकारी स्थानीय प्रशासन को भी दें। जो इस प्रकार की अफवाहें बढ़ा रहे हैं, वो व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते हैं और मुनाफा कमाना चाहते हैं।
बढ़ रही है कालाबजारी
अफवाहों के बीच कई दुकानदारों ने जरूरी सामान की कालाबजारी करना शुरू कर दिया है। वह लोगों से कह रहे हैं कि सामान खत्म हो गया है। जिससे लोगों के मन में घबराहट को बढ़ाने का काम कर रहा है। वहीं बाजार में साग-सब्जियों के दाम काफी बढ़ गए हैं। जिसके कारण कुछ दुकानदार ऊंची कीमतों पर इन्हें बेचकर इसे मुनाफा कमाने का जरिया बना रहे हैं।