केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने शनिवार को राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा। गृह सचिव ने पत्र में कहा, ''मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि पांबदियों में छूट देने का फैसला जमीनी हकीकत के बारे में जानने के बाद लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केस कम होने के बाद गतिविधियों के लिए ढील देना जरूरी है, लेकिन यह काम पूरी सतर्कता के साथ किया जाना चाहिए। पाबंदियों में छूट के दौरान यह बेहद जरूरी है कि कोरोना संबंधी नियमों का पालन किया जाए।'
केंद्र की चेतावनी- राज्य अपनाएं 3T+V फॉर्मूला
पत्र में तीसरी लहर की चेतावनी देते हुए कहा गया कि राज्य लॉकडाउन में ढील देते समय '3T+V' फॉर्मूला यानी टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट और वैक्सीनेशन फॉर्मूले का विशेष ध्यान रखें। पत्र में राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कोरोना प्रोटोकॉल जैसे- मास्क पहनने, हाथ साफ करना, सामाजिक दूरी और बंद जगहों में वेंटिलेशन के ऊपर भी काम करने जैसे नियमों का सख्ती से पालन कराएं। इसके अलावा राज्यों से वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने को भी कहा है।
केंद्र ने राज्यों को आगाह करते हुए कहा कि भले ही कोरोना संक्रमण के मामले घट रहे हैं, लेकिन इसकी वजह से जांच दर में गिरावट नहीं आनी चाहिए। तीसरी लहर की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सक्रिय मामलों में जरा सी बढ़त या फिर संक्रमण दर बढ़ने जैसे शुरुआती संकेतों को लेकर सचेत रहें। अगर किसी छोटे इलाके में भी मामलों में वृद्धि होती नजर आ रही है, तो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों के आधार पर कदम उठाकर उसे स्थानीय स्तर पर ही सीमित किया जाए।
ऐसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को करें सुरक्षित
केंद्र ने कहा कि फिलहाल कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए टीकाकरण ही एकमात्र सबसे बड़ा हथियार है। यह संक्रमण की चेन तोड़ने में सबसे ज्यादा मददगार है। इसलिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश अपने यहां ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण कराएं ताकि ज्यादा से ज्यादा आबादी को सुरक्षित किया जा सके। राज्यों से कहा गया है कि वे प्रतिबंधों में ढील जरूर दें, लेकिन शर्तों के साथ और स्थिति पर पैनी नजर रखे ताकि कोरोना नियमों की जरा भी अनदेखी न हो सके।