भारत में कोरोना के मामले
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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को चिट्ठी लिख कर हालात पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए कहा है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे गए पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि मौजूदा स्थिति में कोरोना के मामलों में आए उछाल के बीच पांच से 10 फीसदी सक्रिय मामलों को ही अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है। हालात तेजी से बदल रहे हैं और रोजाना मामलों की गति भी तेज हो रही है। ऐसे में अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ सकती है। हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।
स्वास्थ्य सचिव की इस चेतावनी के मद्देनजर यह जानना जरूरी है कि देश कोरोना की तीसरी लहर से सामना करने को कितना तैयार है? सरकार का दावा है कि कोरोना की पहली लहर और दूसरी लहर के बाद देश में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राजेश भूषण ने हाल ही में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ पीएसए संयंत्रों, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन की उपलब्धता और वेंटिलेटर सहित तमाम तैयारियों की समीक्षा की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, आपातकालीन प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज के चरण- दो के तहत 2021-22 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 1827.78 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
oxygen plant
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28 फीसदी बढ़ी चिकित्सा ऑक्सीजन क्षमता
कोरोना की दूसरी लहर में कथित तौर पर सबसे ज्यादा मौतें ऑक्सीजन की कमी के कारण हुईं। हालांकि सरकार ने संसद में इस बात से इनकार किया। लेकिन इसके बाद सरकार ने देश में ऑक्सीजन उत्पादन पर ज्यादा ध्यान दिया है। कोरोना के गंभीर रोगियों के लिए आवश्यक चिकित्सा ऑक्सीजन क्षमता अक्टूबर 2020 और नवंबर 2021 के बीच लगभग 28 प्रतिशत बढ़ गई है। देश में 3.236 आक्सीजन के प्लांट है। इनकी क्षमता 3,783 मीट्रिक टन है।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने तीन दिसंबर 2021 को लोकसभा में बताया कि नवंबर में ऑक्सीजन क्षमता 6,876 टन प्रतिदिन से बढ़कर 8,778 टन प्रतिदिन हो गई है। केंद्र सरकार ने 1,563 पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों को मंजूरी दी है।
बच्चों को लग रही कोरोना की वैक्सीन
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पीएसए ऑक्सीजन प्लांट मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं। इनमें से लगभग 34 प्रतिशत चार राज्यों उत्तर प्रदेश (128), मध्य प्रदेश (88), तमिलनाडु (70), महाराष्ट्र (68) और बिहार (62) में चालू किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कम से कम 25 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र चालू किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक 1,14 लाख आक्सीजन कंसंट्रेटर केंद्र ने राज्य सरकार को मुहैया कराए हैं। आज देश में करीब 18.03 लाख आइसोलेशन बेड का इंतजाम है। इसके अलावा 1.24 लाख आइसीयू बेड है।
150 करोड़ वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं। देश की करीब 90 फीसदी आबादी को एक डोज मिल चुकी है और 46 फीसदी आबादी को वैक्सीन की दो डोज लग चुकी है।
यूपी में कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
किन राज्यों के अस्पताल कोरोना की तीसरी लहर के लिए तैयार हैं?
उत्तर प्रदेश:
यूपी में कोरोना संक्रमण के अधिकांश मरीजों में हल्का संक्रमण पाया जा रहा है इसलिए 98 फीसदी से अधिक मरीजों का होम आइसोलेशन के तहत इलाज चल रहा है। फिर भी राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी अस्पतालों को कोरोना की तीसरी लहर से निबटने को तैयार रहने को कहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लखनऊ प्रशासन की ओर से पिछले सप्ताह एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई जिसमें आठ सरकारी अस्पतालों सहित 11 निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
अस्पतालों को कोरोना के मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है। प्रदेश की राजधानी में एक बार फिर से इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर भी शुरू किया गया है। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए लखनऊ के जिला स्वास्थ्य विभाग ने 36 अस्पतालों में लगभग 4,000 बिस्तरों को चालू कर दिया है। ये जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए इस्तेमाल के लिए तैयार हैं। गाजियाबाद एसीएमओ डॉ सुनील त्यागी के मुताबिक कोरोना के इलाज के लिए 50 निजी अस्पतालों में व्यवस्था की गई है। सरकारी और निजी अस्पताल मिलाकर कुल 5000 बेड तैयार कराए जा रहे हैं।
सत्येंद्र जैन
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दिल्ली:
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने 14 अस्पतालों में कोरोनोवायरस रोगियों के लिए 5,650 सामान्य बेड और 2,075 आईसीयू बेड के साथ-साथ आठ सीओवीआईडी देखभाल केंद्रों में 2,800 बेड बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि दिल्ली सरकार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी जरूरी इंतजाम कर रही है और स्थिति सामान्य है।
उद्धव ठाकरे
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महाराष्ट्र:
जनवरी के तीसरे सप्ताह तक दो लाख सक्रिय मामलों का अनुमान लगाते हुए राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग का अनुमान है अगले दो से तीन सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी, लिहाजा राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में लगभग चार लाख बेड तैयार रखे हैं। इनमें से अभी केवल 3.84 फीसदी बेड ही कोरोना मरीजों को दिया गया है। 98,227 ऑक्सीजन बेड में से केवल 2,560 यानी 2.6 फीसदी पर ही कोरना मरीज का इलाज चल रहा है।
आईसीयू में 29,010 बेड हैं, जिनमें से 562 यानी 1.94 फीसदी ही फुल हैं। राज्य निगरानी अधिकारी डॉ प्रदीप आवटे के मुताबिक 'हमने मरीजों के बोझ को संभालने के लिए पर्याप्त बिस्तर तैयार रखे हैं। मामलों में इतनी वृद्धि के बावजूद 90 प्रतिशत रोगी हल्के लक्षणों वाले हैं, इसलिए बिस्तर खाली हैं।'
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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बिहार:
बिहार सरकार ने भी तीसरी लहर को लेकर अस्पतालों को मुकम्मल इंतजाम करने को कहा है। जेनरल वार्ड से लेकर आईसीयू तक तैयार कर लिए गए हैं। आइसोलेशन सेंटर भी तैयार होने लगे हैं। पिछले साल तैयार किए गए पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फिर से आइसोलेशन सेंटर चालू हो गया है। पीएमसीएच में भी सुविधा बढ़ाई गई हैं।