तमिलनाडु के वन मंत्री के. पोनमुडी की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही है। विवादास्पद टिप्पणी मामले में मद्रास उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एन. आनंद वेंकटेश ने कहा कि यदि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि अब न्यायालय ने खुद मामले को संज्ञान में लिया है। भले ही कोई शिकायत न हो, पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी ही होगी और जांच आगे बढ़ानी होगी।
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बढ़ते विरोध के बीच स्टालिन ने भी उठाया कदम
पोनमुडी की टिप्पणी से उनकी अपनी पार्टी डीएमके भी असहज हो गई। पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने उन्हें डीएमके उप महासचिव के पद से हटा दिया। पार्टी सांसद कनिमोझी ने भी उनके बयान की आलोचना की थी। हालांकि की बाद में पोनमुडी ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली थी, लेकिन विवाद थम नहीं सका।