फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aniruddhacharya: राणा सांगा और औरंगजेब विवाद पर क्यों भड़के अनिरुद्धाचार्य? बोले- ऐसे लोगों को उल्टा लटकाकर...

Thu, 17 Apr 2025 06:48 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

डॉ अनिरुद्धाचार्य ने अमर उजाला संवाद के मंच पर राणा सांगा और मुगल शासक औरंगजेब से जुड़े विवादों पर बेबाकी से जवाब दिए। उन्होंने कहा कि औरंगजेब के वंशज तो पाकिस्तान में रहते हैं, ऐसे लोग वहीं चले जाएं सपरिवार। खाएंगे रोटी यहां की और बखान करेंगे उन मूर्खों का। ऐसे लोगों को उल्टा लटकार मिर्ची का धुआं देना चाहिए।
विज्ञापन
गौरी-गोपाल आश्रम के संस्थापक वाचक डॉ. अनिरुद्धाचार्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भागवत कथावाचक और आध्यात्मिक वक्ता डॉ अनिरुद्धाचार्य ने आज अमर उजाला संवाद 2025 के मंच पर 'सनातन धर्म और आध्यात्म' के विषय पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने सियासी गलियारों से जुड़े सवालों पर भी जवाब दिए। हाल में सुर्खियों में रही मुगलशासक औरंगजेब की कब्र की खबर और महाराष्ट्र में राणा सांगा को लेकर उपजे विवाद के बीच देश की वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक सूरत-ए-हाल को लेकर भी डॉ अनिरुद्धाचार्य ने बेबाक टिप्पणी की। बता दें कि राणा सांगा को लेकर उत्तर प्रदेश के आगरा के समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता रामजीलाल सुमन ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने इस पर भी जवाब दिया। पढ़िए डॉ अनिरुद्धाचार्य से संवाद के प्रमुख अंश

विज्ञापन


आगरा के एक नेता राणा सांगा को गलत बताते हैं, महाराष्ट्र के एक नेता औरंगजेब को नायक बताते हैं, इस पर क्या कहेंगे? 
अनिरुद्धाचार्य:
औरंगजेब के वंशज तो पाकिस्तान में रहते हैं, ऐसे लोग वहीं चले जाएं सपरिवार। खाएंगे रोटी यहां की और बखान करेंगे उन मूर्खों का। ऐसे लोगों को उल्टा लटकाकर मिर्ची का धुआं देना चाहिए। राणा सांगा को गद्दार बताने वालों से यह पूछना चाहिए कि हमारे यहां गद्दार कौन थे, यह इतिहास बता देगा। उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए। ये पढ़ते-लिखते नहीं। जो पढ़े ही ना, बस बात करें, उससे क्या माथापच्ची करना।

इस तरह का न्याय सही होगा? 
अनिरुद्धाचार्य:
पहले चोरी करने वालों के हाथ काट लिए जाते थे। आज बलात्कारियों को बंद कमरे में नहीं, कैमरे के सामने फांसी क्यों नहीं दी जाती। बलात्कार करने वाले का केस दस साल चलता है। फांसी की सजा सुनाई जाती है, तब भी फांसी कब दी जाएगी, यह नहीं पता रहता। एक बार चौराहे पर फांसी दो, बेटियां सुरक्षित हो जाएंगी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Aniruddhacharya: अनिरुद्धाचार्य बोले- दुनिया में 52 मुस्लिम देश, भारत हिंदू राष्ट्र बने तो किसी को एतराज न हो

हर मंदिर के नीचे मस्जिद ढूंढना क्या सही है?
अनिरुद्धाचार्य:
इतिहास यही कहता है कि मंदिर तोड़कर मस्जिदें बनाई गईं। जहां-जहां मंदिरें तोड़कर मस्जिदें बनाई गईं तो वहां मंदिर बन जाए। इसमें हमारी, उनकी, सबकी सहमति रहे। यही तो भाईचारा है। हमारी जमीन हमें दे दो, यही है भाईचारा। हम ही भाईचारे का ठेका लें? हम तो अभी मथुरा की बात कर रहे हैं। एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Aniruddhacharya: अनिरुद्धाचार्य ने क्यों कहा- जब गीता से काम न चले तो गांडीव उठाओ, पढ़ें उनकी पांच मुख्य बातें

लोग कहते हैं कि एक तरफ आप अच्छी बात करते हैं, दूसरी तरफ आपकी रील बन जाती है, इस पर क्या कहेंगे? 
अनिरुद्धाचार्य:
हम तो केवल मुद्दे की बात करते हैं। मुद्दे की बात को लोग कांट-छांटकर अपने तरीके से प्रस्तुत करते हैं। जिसे जो अच्छा लगता है, वह उसकी रील्स और मीम्स बना लेता है। मेरी बात लोगों को हंसाती भी है, लोगों को ज्ञान से भी भर देती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें