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बाजार में उपभोक्ता मांग बढ़ने से उद्यम क्षेत्रों को मिलेगी गति, बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

Sat, 02 Feb 2019 03:25 AM IST
गौरव द्विवेदी पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Indian Economy
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अर्थव्यवस्था और उद्योग की आशाओं को आयकर में दोगुनी (पांच लाख तक) हुई छूट बाजार में तेजी लाकर परवान चढ़ाएगी। बजट-2019 में रियल एस्टेट उपभोक्ता को मिली सहूलियतें इस क्षेत्र में छायी उबासी को दूर कर नई उर्जा का संचार करेंगी। जबकि सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु (एमएसएमई) समेत तामाम उद्योगों को मांग बढ़ने से गति मिलेगी। विभिन्न क्षेत्रों को मिलने वाली यह रफ्तार देश की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाएगी। 

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आर्थिक विशेषज्ञों की माने तो सरकार ने कर मुक्ति के जरिए एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक तरफ मध्यम वर्ग का झुकाव सरकार की ओर बढ़ेगा, दूसरी ओर अर्थव्यवस्था को पंख लगेंगे। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष राजीव तलवार ने कहा कि अंतरिम बजट में देश की अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत के लिए जो कदम उठाए गए हैं। उसके आधार वह दस में से साढ़े नौ अंक देना चाहेंगे। 

बजट में अगले आठ साल में देश की अर्थव्यवस्था दस खरब डॉलर तक पहुंचाने का अनुमान जताया गया है। इससे लगता है कि सरकार ने देश के आर्थिक विकास के स्वरूप को बदलने के लिए खाका खींचा है। उन्होंने कहा कि बजट में उस वर्ग में मांग को बढ़ावा दिया गया है जो वाकई में उपभोक्ता है जिसका जोर खरीद पर रहता है। ऐसे में आयकर छूट की बचत अहम है। रियल एस्टेट में भी कर छूट और पूंजीगत लाभ मांग को बढ़ाता है। बजट राजनीतिक हितों को ही नहीं, आर्थिक हितों को भी बखूबी साधता है।  
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जाने-माने अर्थशास्त्री डॉ.विकास सिंह कहना है कि करीब 12 करोड़ किसानों को सीधे लाभांवित करने वाली घोषणा के दौर में सरकार ने बजट में आम आदमी का ख्याल रखा। ऐसे में राजकोषीय घाटे में भारी वृद्धि होने की आशंका थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बजट में एक मकान बेचकर दो खरीदने पर जीवन में एक बार पूंजीगत लाभ देने और सस्ते घर के लिए आयकर छूट एक साल बढ़ाने की घोषणा की गई है। यह सुविधा रेरा में पंजीकृत बिल्डर से खरीद करने पर उपभोक्ता को मिलेगी। साथ ही छोटे करदाताओं के लिए मकान किराए में छूट को 1.80 लाख से बढ़ाकर 2.40 लाख किया गया है। 
 
आर्थिक विशेषज्ञ डॉ.दीपांशु अग्रवाल ने कहा कि बजट में सरकार ने विभिन्न स्तरों पर प्रत्यक्ष कर में छूट देकर उपभोक्ता वर्ग को बाजार के लिए प्रेरित किया है। रियल एस्टेट उपभोक्ता को सीधे तौर पर दो स्तरों पर लाभ दिया गया है। पांच लाख तक कमाने वालों की आय में पूरी छूट कपड़ा, घरेलू सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग समेत विभिन्न क्षेत्रों में उपभोक्ता की बाढ़ लाएगा। साढ़े तीन करोड़ प्रत्यक्ष कर दाता को छूट मिलने हमारे देश में आम बात होगी। जबकि दुनिया के कई देशों में इतने करदाता नहीं है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को सकारात्मक रुख देने के लिए मांग को तेज करना जरूरी है, जो इस बजट में किया गया है। 

एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनूप मित्तल सरकार ने मकान के खरीददारों पर कर बोझ बजट में जिस तरह से घटाया है। यह बेहतर साकारात्मक कदम है। यह क्षेत्र सर्वाधिक रोजगार प्रदाता है। इसके बावजूद कई वर्षों से सुस्ती का शिकार हो रहा था जिसमें सरकार ने एकसाथ विभिन्न मोर्चों पर राहत दी है। इन कदमों से उपभोक्ता मांग बढ़ेगी और बाजार में तेजी से अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।  

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