Maharashtra: भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने महा विकास अघाड़ी शासन के दौरान देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह साजिश तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मंजूरी के बिना संभव नहीं थी। महायुति सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रवीण दारेकर गुरुवार को आरोप लगाया कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान तत्कालीन विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस और मंत्री एकनाथ शंदे को फंसाने की साजिश रची गई थी। उन्होंने कहा कि यह साजिश तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मंजूरी के बिना संभव नहीं थी।
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हाल ही में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने फडणवीस और शिंदे को फंसाने की कथित साजिश की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश जारी किया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता ठाकरे का नाम लिए बिना दारेकर ने कहा, 'भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) का अधिकारी या राज्य का मंत्री ऐसी साजिश नहीं कर सकता है। यह साफ है कि सरकार के मुखिया के आदेश या मंजूरी के बिना ऐसी कार्रवाई नहीं हो सकती।'
उन्होंने नागपुर विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समर्थित (तत्कालीन) सरकार की इस बड़ी साजिश का मुद्दा उठाया था।दारेकर ने कहा, मैंने नागपुर में शीतकालीन सत्र के दौरान सूचना देकर इस मुद्दे को उठाया था और राज्य सरकार को बताया गया था कि एक महीने पहले एक एसआईटी का गठन किया गया है। यह सदन में राज्य सरकार के दिए हुए आश्वासन के अनुरूप था।
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फडणवीस वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं, जबकि शिंदे उप मुख्यमंत्री हैं। शिंदे 2022 में बगावत करने और महा विकास अघाड़ी सरकार गिराने से पहले ठाकरे की सरकार में शहरी विकास मंत्री थे। दारेकर ने कहा कि उन्होंने एसआई के बुलाने पर अपने पास मौजूद सभी जानकारी उपलब्ध करा दी थी। हालांकि, उन्होंने आगे की जानकारी देने से इनकार किया और दावा किया कि इससे जांच में बाधा आ सकती है।
अपना बयान दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दारेकर ने कहा, यह लोकतंत्र के लिए खतरा है, जब कोई सरकार नेताओं को फंसाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का प्रयास करती है। हमने सांविधानिक तरीकों से न्याय की मांग की है और गृह विभाग ने संज्ञान लिया है। ठाणे में मामला दर्ज किया गया है और एसआईटी गहन जांच करेगी।