राहुल गांधी ने संसद में सत्ता पक्ष पर करारा वार करते हुए कहा था कि भाजपा हिंदुत्व का असली चेहरा नहीं है। उन्होंने भाजपा पर हिंदुत्व की हिंसक राजनीति करने का आरोप भी लगाया था।
एक जुलाई को संसद में राहुल गांधी ने भगवान शिव की फोटो दिखाई थी। इस दौरान संसद की नियमावली के आधार पर स्पीकर ने राहुल गांधी के द्वारा भगवान शिव की फोटो संसद में दिखाने का विरोध किया गया था। लेकिन अब कांग्रेस भगवान शिव की फोटो-प्रतिमा के साथ देश के गांव-गांव तक जाएगी। इसे कांग्रेस पार्टी का भाजपा के हिंदुत्व अभियान को बेअसर करने का प्रयास माना जा रहा है।
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दरअसल, राहुल गांधी ने संसद में सत्ता पक्ष पर करारा वार करते हुए कहा था कि भाजपा हिंदुत्व का असली चेहरा नहीं है। उन्होंने भाजपा पर हिंदुत्व की हिंसक राजनीति करने का आरोप भी लगाया था। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम संगठनों ने राहुल गांधी का विरोध किया था। विश्व हिंदू परिषद सहित तमाम संगठनों ने कहा है कि हिंदुओं को हिंसक कहना बहुत गलत है और राहुल गांधी से उनके इस बयान के लिए माफी मांगने की बात कही जा रही है।
इधर कांग्रेस का मानना है कि भाजपा राहुल गांधी के इस बयान को 'तोड़-मरोड़ कर' पेश करने की कोशिश कर सकती है। इससे बचने के लिए पार्टी ने पहले ही आक्रामक रणनीति अपना ली है। इसी क्रम में पार्टी ने भगवान शिव की प्रतिमा-फोटो लेकर गांव-गांव तक जाने का कार्यक्रम तैयार कर लिया है।
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कांग्रेस के एक नेता ने अमर उजाला को बताया कि इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पार्टी के फ्रंटल संगठनों के जरिए इस अभियान के जरिए पार्टी लोगों से जुड़ने की कोशिश करेगी और साथ-साथ वह हिंदुत्व के नाम पर किए जा रहे दुष्प्रचार को भी बेनकाब करेगी। नेता के अनुसार, यह अभियान अगले महीने पड़ रही नागपंचमी तक चलाया जा सकता है। अभियान की रणनीति पर पार्टी के शीर्ष नेता विचार करने के बाद इसके अंतिम स्वरूप की जानकारी देंगे।