कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी 13 जून को ईडी के सामने पेश हो सकते हैं। इससे पहले पार्टी ने शक्तिप्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एआईसीसी महासचिवों, प्रभारी और पीसीसी प्रमुखों की बैठक चल रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस 13 जून को ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है, जिस दिन ईडी ने राहुल गांधी को पूछताछ के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक, 13 जून को कांग्रेस पूरे भारत के सभी राज्यों में ईडी कार्यालयों के सामने सत्याग्रह करेगी। दिल्ली में ईडी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सभी सांसद और सीडब्ल्यूसी सदस्य ईडी कार्यालय तक मार्च करेंगे।
इस बीच देश में राष्ट्रपति चुनाव के एनान के बाद कांग्रेस ने संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस नेता खड़गे ने बताया कि सोनिया गांधी ने मुझे अन्य पार्टियों से बात करने के बाद एक उम्मीदवार के नाम के बारे में सोचने के लिए कहा है। मैं शरद पवार से मिला और उन्होंने भी इसके लिए हामी भरी। हम शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे, डीएमके और टीएमसी नेताओं से मिलेंगे और बैठक की तारीख तय करेंगे।
मोदी सरकार ने न तो देश से वफादारी निभाई और न ही जनता से: राहुल
इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने महंगाई को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने न तो देश से वफादारी निभाई, न ही जनता से। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा कि वफादारी और अदाकारी में फर्क है। मोदी सरकार ने न तो देश से वफादारी निभाई, न ही जनता से। मैं बात कर रहा हूं महंगाई की। अगर आपको लग रहा है कि महंगाई आगे चल कर कम हो जाएगी, तो आप गलतफहमी में हैं। आने वाले दिनों में मोदी सरकार के नए प्रहार के लिए तैयार हो जाइए।