बीते दिनों केंद्र सरकार ने एक योजना योजना 'राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन' या 'एनएमपी' का एलान किया था। सरकार ने इस योजना के जरिये बुनियादी ढांचा योजनाओं पर खर्च के लिए पैसे जुटाने का चार साल का रोडमैप बनाया है। वहीं, विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की इस योजना का विरोध किया है। कांग्रेस तो इसे लेकर राष्ट्रीय प्रेस वार्ता करने की तैयारी कर रही है।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार कांग्रेस पार्टी एनएमपी को लेकर एक राष्ट्रीय प्रेस वार्ता करने की योजना बना रही है। हालांकि, इसकी तारीख के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। जानकारी के अनुसार इस प्रेस वार्ता का आयोजन 31 अगस्त से तीन सितंबर के बीच हो सकता है। इसमें पार्टी एनएमपी के नकारात्मक बिंदुओं को सामने रख सकती है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी किया है विरोध
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस योजना को लेकर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया था। बनर्जी ने कहा था कि इस योजना के जरिए केंद्र सरकार देश की संपत्तियों को बेचने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन संपत्तियों की बिक्री से जुटाया जाने वाला रुपयों का इस्तेमाल चुनावों के दौरान विपक्षी दलों के खिलाफ किया जाएगा।
छह लाख करोड़ की सरकारी संपत्तियों के विनिवेश की योजना
बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 अगस्त को नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइप लाइन (एनएमपी) का शुभारंभ किया था। इसके जरिए देश की करीब छह लाख करोड़ रुपये की सरकारी संपत्तियों का विनिवेश करने की योजना है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा था कि एनएमपी उन ब्राउनफील्ड संपत्तियों के लिए है, जिनमें निवेश पहले से ही किया जा रहा है।
सीतारमण ने कहा था कि यह उन संपत्तियों के लिए है, जहां संपत्ति का पूरी तरह से मुद्रीकरण किया जा चुका है या जिनका कम उपयोग हो रहा है। वित्त मंत्री ने कहा था कि इन संपत्तियों में हम निजी साझेदारी के जरिए इनका बेहतर मुद्रीकरण करेंगे और इसके जरिये जो भी संसाधन हमें प्राप्त होंगे उनका बुनियादी ढांचे के निर्माण में और बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।