राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में कांग्रेस की केंद्र सरकार के विरोध में रैली करने की योजना पर दिल्ली पुलिस ने पानी फेर दिया है। दिल्ली पुलिस से अनुमति न मिलने के बाद अब पार्टी ने इस रैली का आयोजन 12 दिसंबर को राजस्थान की राजधानी जयपुर में करने का फैसला लिया है। ऑल इंडिया कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस भाजपा के हथकंडों से डरने वाली नहीं है और जनता से संबंधित मुद्दों को उठाने की अपनी प्रतिबद्धता से हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा, यह फैसला लिया गया है कि महंगाई हटाओ रैली का आयोजन 12 दिसंबर को जयपुर में किया जाएगा। पार्टी लोगों की आवाज उठाती रहेगी और जब तक देश की जनता को महंगाई से राहत नहीं मिल जाती तब तक हम इस असंवेदनशील, अहंकारी और तानाशाह सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस को दिल्ली के द्वारका में रैली आयोजित करने की अनुमति मिल गई थी लेकिन मोदी सरकार ने साजिश करते इस रैली के आयोजन को रद्द करवा दिया।
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इस बात से इनकार किया था कि कांग्रेस को 12 दिसंबर को द्वारका में कोई रैली आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि केंद्र की भाजपा सरकार कांग्रेस की महंगाई हटाओ रैली से डरी हुई है और इसी वजह से उसे रैली की अनुमति नहीं दी गई। द्वारका की इस रैली को कांग्रेस सासंद राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता संबोधित करने वाली थे। अब कांग्रेस ने इस रैली के लिए राजस्थान का रुख किया है जहां उसकी ही सरकार है।
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने लोकतांत्रिक औचित्य का आवरण भी खो दिया है और यह एक तानाशाह की तरह व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहली सरकार है जो न तो सांसदों की न संसद की और न ही जनता की सुनने के लिए तैयार है। कांग्रेस की अगुवाई वाला विपक्ष जब भी महंगाईस बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था और किसानों के हालात जैसे मुद्दे उठाता है और उन पर बहस करने की कोशिश करता है, तो एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत संसद की कार्यवाही ही ठप कर दी जाती है।