भाजपा समर्थित और नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) की अगुवाई वाले मेघालय लोकतांत्रित गठबंधन (एमडीए) में शामिल होने वाले पांच विधायकों को कांग्रेस ने किया निलंबित कर दिया है। साथ ही अपना विचार बदलने के लिए पार्टी ने दस दिन का समय दिया है।
प्रदेश के पार्टी प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि सभी पांच विधायक जो पिछले हफ्ते मेघालय जनतांत्रिक गठबंधन (एमडीए) में शामिल हुए थे, लेकिन कांग्रेस नहीं छोड़ी थी। उन्हें पार्टी द्वारा जारी पत्र दिया गया है। उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले ही कांग्रेस के 12 विधायक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खेमे में चले गए थे।
विधायकों को दस दिन का समय दिया गया है
राज्य में पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने पांच विधायकों को निलंबित कर दिया है। उन्हें अपना विचार बदलने और अपना समर्थन वापस लेने के लिए दस दिन का समय दिया गया है, अन्यथा उनको कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। हालांकि किसी भी विधायक ने अभी तक इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन उनमें से एक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पार्टी ने लंबे समय से सांसदों की विभिन्न शिकायतों के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है।
ये हैं एमडीए में शामिल होने वाले विधायक
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए निलंबित सीएलपी नेता अम्पारीन लिंगदोह ने कहा कि संगमा ने पांच विधायकों को आमंत्रित किया था। कांग्रेस के दर्जनभर विधायकों के शामिल होने पर तृणमूल कांग्रेस अचानक प्रदेश में विपक्ष के रूप में उभरी है।
मेघालय में कांग्रेस की विपक्ष बनने की संभावनाएं लगभग समाप्त
मेघालय में सत्ताधारी गठबंधन में भाजपा भी भागीदार है। पिछले साल नवंबर में यहां पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा समेत 12 कांग्रेस विधायक टीएमसी में शामिल हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस के राज्य में केवल पांच विधायक ही बचे थे और इसके कुछ महीने बाद उन्होंने भी पाला बदल लिया। इससे कांग्रेस की राज्य में एक मजबूत विपक्ष बनने की संभावनाएं भी लगभग समाप्त हो गईं।
कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले ये विधायक एम अंपरीन लिंगडोह, पीटी साकमी, माइरलबोर्न साइम, किंफा एस मरबानियांग और मोहेंद्रो रापसांग हैं। मुख्यमंत्री ने सभी पांचों विधायकों का गठबंधन में स्वागत किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक फोटो भी वायरल हुई थी।