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लोकसभा में कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री और सरकार से मांगी सफाई

Thu, 28 Jul 2016 02:39 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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मेनका गांधी - फोटो : ANI
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पीलीभीत के थाना बरखेड़ा क्षेत्र के गाँव अलखथान के एक दलित को मुकदमा वापस लेने के लिए केंद्रीय मंत्री द्वारा धमकाने का मामला बुधवार को लोकसभा में उठा। कांग्रेस सांसद राजीव साटव ने केंद्रीय मंत्री का नाम लिए बिना कहा कि दलित के हित का ढिंढोरा पीटने वाली मोदी सरकार की एक मंत्री एक दलित को मुकदमा वापस लेने के लिए धमका रही हैं।
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धमकी वाला ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित की शिकायत दर्ज नहीं की जा रही। अगर मंत्री ने धमकी नहीं दी है तो उन्हें इसका खंडन करना चाहिए। इस मामले में सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। गौरतलब है कि महिला बाल विकास मंत्री मेनका गांधी पर दलित को धमकाने का आरोप है।

शून्यकाल के दौरान साटव ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि दलित उत्पीड़न मामले में चुप्पी साधना मोदी सरकार की खूबी है। सरकार के एक मंत्री पर दलित को धमकाने का आरोप है। मगर इसका खंडन न तो सरकार कर रही है और न ही संबंधित मंत्री। साटव ने कहा कि दलित की शिकायत भी दर्ज नहीं की जा रही।
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जब ऑडियो में संबंधित मंत्री साफ तौर पर दलित से मुकदमा वापस लेने या गांव छोड़ने पर मजबूर कर दिए जाने की धमकी दे रही हैं। उन्होंने इस मामले में सरकार या संबंधित मंत्री से स्पष्टीकरण देने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस के सांसदों ने इस मामले में हंगामा भी किया।

गौरतलब है कि अलखथान गांव में धोबी बिरादरी के शंकर का पिछड़ी जाति के बबलू एवं अन्य लोगों से जमीन विवाद है। इस विवाद में हुई मारपीट के बाद शंकर के एफआईआर पर बबलू सहित कई अन्य लोगों को जेल भेज दिया गया। बताते हैं कि 1600 वोटरों की आबादी वाले इस गांव में पिछड़ी जाति की संख्या 90 फीसदी है।

ये सभी मेनका के समर्थक हैं। यही कारण है कि मेनका ने आरोपी पक्ष की ओर से शंकर पर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव डाला। जो ऑडियो वायरल हुआ है उसमें शंकर को मुकदमा वापस लेने या गांव छोड़ने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। ऑडियो में पीड़ित शंकर को गालियां देते भी सुना जा सकता है।
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